हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा

हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा

सहरसा. व्यवहार न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश चतुर्थ अविनाश कुमार की अदालत ने काराधीन दोषसिद्ध अभियुक्त बैजू कुमार को हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. मंडल कारा से उपस्थित किये गये सौरबाजार थाना क्षेत्र के रहुआ पस्तपार निवासी बैजू कुमार को कोर्ट के द्वारा विभिन्न धाराओं में सजा सुनायी गयी. भादवि की धारा 302 में आजीवन कारावास तथा 25 हजार रुपया का जुर्माना किया गया. जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. भादवि की धारा 458 में 5 वर्ष कारावास तथा 10000 का अर्थदंड किया गया. अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने की स्थिति में छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. शस्त्र अधिनियम की धारा 25 (1बी)ए में एक वर्ष कारावास तथा 5000 जुर्माना जुर्माने की सजा दी. रकम अदा नहीं करने पर 3 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. जबकि धारा 26 में 5 वर्ष का कारावास तथा 5000 का जुर्माना किया गया. जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करने की स्थिति में 3 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. जबकि धारा 27 में 5 वर्ष कारावास तथा 10000 रुपए अर्थदंड किया गया. अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. उक्त वाद में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अरुण कुमार राम ने न्यायालय में 10 गवाहों की गवाही कराकर सभी युक्ति युक्त संदेशों से परे साबित करने में सफल रहे. सभी गवाहों ने अपने गवाही में घटना का पूर्ण समर्थन किया. उक्त वाद की सूचिका रेखा देवी लखमीनिया संतपुर थाना बिहरा निवासी ने सहरसा थाना में आवेदन देकर कहा कि 21 जनवरी 2023 को मैं अपने पति के साथ अपने मायके दीघिया आयी हुई थी. रात करीब 2 बजे बैजू कुमार घर में दरवाजा नहीं रहने के कारण घुस गया. उसी समय मेरे पति की नींद खुल गयी. उन्होंने बैजू कुमार को पकड़ लिया और जोर-जोर से हल्ला करने लगे. मेरे पति की आवाज सुनकर अगल-बगल के लोग जमा होने लगे. मेरा भाई भवेश कुमार भी आ गया. जैसे ही वह आंगन में पहुंचा कि तब तक बैजू कुमार ने मेरे पति को आंगन में गोली मार दी. मेरा पति जख्मी हालत में नीचे गिर गया. अगल-बगल के लोगों ने बैजू कुमार को हथियार के साथ पकड़ लिया. आनन फानन में मेरे पति को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. जहां इलाज के क्रम में ही मेरे पति की मृत्यु हो गयी.

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By Dipankar Shriwastaw

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