शिक्षा मंत्री को मोहनपुर मुखिया ने सौंपा आवेदन, कन्या उच्च विद्यालय की मांग
प्रखंड क्षेत्र के मोहनपुर पंचायत को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद जगी है.
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को दिया निर्देश
सिमरी बख्तियारपुर. प्रखंड क्षेत्र के मोहनपुर पंचायत को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद जगी है. बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सह सहरसा के प्रभारी मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने मोहनपुर पंचायत में उच्च विद्यालय तथा हरियो गांव में कन्या उच्च विद्यालय की स्थापना को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं. मंगलवार को सहरसा स्थित अतिथि गृह में ग्राम पंचायत मोहनपुर के मुखिया सह मुख्य मुखिया संघ के जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार जायसवाल ने शिक्षा मंत्री से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने पंचायत की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से मंत्री को अवगत कराया.
हरियो में बालिका उच्च विद्यालय की उठायी मांग
मुखिया ने बताया कि मोहनपुर पंचायत का हरियो गांव अत्यंत पिछड़ा एवं अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र है. गांव में वर्ष 1951 से मध्य विद्यालय संचालित है, लेकिन अब तक कोई कन्या उच्च विद्यालय नहीं खोला गया है. आठवीं एवं नौवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए छात्राओं को पांच से सात किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि दूरी एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं के कारण क्षेत्र की लगभग 80 प्रतिशत बेटियां बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को विवश हो जाती हैं. हरियो मध्य विद्यालय के समीप लगभग दो एकड़ सरकारी भूमि एवं 26 कमरों का पक्का भवन उपलब्ध है, जो वर्तमान में अनुपयोगी पड़ा हुआ है. ऐसे में भवन को उत्क्रमित कर कन्या उच्च विद्यालय की स्वीकृति दिए जाने की मांग की गयी. मुखिया ने पंचायत के एकमात्र प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय, मोहनपुर की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2020-22 से शुरू हुआ यह विद्यालय आज भी अपने भवन के अभाव में मध्य विद्यालय परिसर में संचालित हो रहा है. विद्यालय में 800 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं.
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
उन्होंने बताया कि विद्यालय के लिए 4.04 एकड़ भूमि उपलब्ध होने के बावजूद अब तक भवन निर्माण नहीं हो सका है. स्कूल में बिजली का स्वतंत्र कनेक्शन नहीं है और मध्य विद्यालय से तार खींचकर काम चलाया जा रहा है. इसके अलावा शौचालय, प्रयोगशाला, पुस्तकालय तथा बेंच-डेस्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. मुखिया संजीव कुमार जायसवाल द्वारा सौंपे गये मांगपत्र पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं प्रस्तावों पर विचार करने का निर्देश दिया.