मॉनसून की बेरुखी से किसान चिंतित, झमाझम बारिश का इंतजार जारी

Monsoon Rain Update: सहरसा में मॉनसून आने के बावजूद झमाझम बारिश नहीं हुई. 37.5 डिग्री तापमान से लोग परेशान, किसानों को बारिश का इंतजार.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:

Monsoon Rain Update: मॉनसून के समय पर प्रवेश करने के बावजूद सहरसा जिले में अब तक झमाझम बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. आसमान में बादल उमड़-घुमड़ कर आ रहे हैं, लेकिन बिना बरसे लौट जा रहे हैं. इसके कारण तापमान में कोई खास कमी नहीं आई है और उमस भरी गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. किसान अब भी अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं.

जिले में मॉनसून का प्रवेश 13 जून को हुआ था और उसी दौरान हल्की बारिश दर्ज की गई थी. इसके बाद से मौसम में अपेक्षित बदलाव नहीं आया. तेज धूप और बढ़ती उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. वहीं खेती-किसानी पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है.

गर्मी और उमस से बेहाल लोग

भीषण गर्मी और बढ़ी हुई नमी के कारण लोगों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है. मजदूर, किसान और रोजमर्रा के कामकाज के लिए बाहर निकलने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. घरों में पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं. दूसरी ओर बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी और उमस के कारण बुखार, सिरदर्द, गले में दर्द और थकान जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है.

37.5 डिग्री पहुंचा पारा, बढ़ी ह्यूमिडिटी

अगवानपुर कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञान विभाग के तकनीकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में गुरुवार को अधिकतम तापमान लगभग 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. तापमान बढ़ने के साथ ही ह्यूमिडिटी में भी वृद्धि हुई है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस हो रहा है.

उन्होंने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 से 28 जून के बीच जिले में तेज हवा और गरज के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है. मॉनसून की गतिविधियां फिर से सक्रिय हो रही हैं, जिससे मौसम में बदलाव की उम्मीद है.

किसानों को धान का बिचड़ा गिराने की सलाह

मौसम वैज्ञानिक जितेंद्र कुमार ने किसानों को लंबी अवधि वाली धान की किस्मों का बिचड़ा तैयार करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि राजश्री, स्वर्णा, सावना वन और 6444 जैसी किस्मों के बिचड़े इस समय खेतों में डालना लाभकारी रहेगा.

उन्होंने बताया कि समय पर बिचड़ा डालने से धान की पैदावार बेहतर होती है और फसलों में रोग लगने की संभावना भी कम रहती है. किसानों को खेतों में हल्की सिंचाई कर नमी बनाए रखने और बिचड़ा गिराने की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह दी गई है.

बारिश का इंतजार, खेती पर टिकी उम्मीदें

सहरसा सहित कोसी क्षेत्र के किसान अब आगामी दिनों में होने वाली संभावित बारिश का इंतजार कर रहे हैं. अच्छी बारिश होने पर धान की खेती को गति मिलेगी और किसानों की चिंताएं काफी हद तक कम हो सकेंगी.

और पढ़ें: आज का दर्शन: सहरसा में मत्स्यगंधा परिसर स्थित रक्तकाली चौसठ योगिनी मंदिर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shruti Kumari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >