18 जून को पूर्णिया के रास्ते बिहार में मॉनसून प्रवेश की संभावना

18 जून को पूर्णिया के रास्ते बिहार में मॉनसून प्रवेश की संभावना

मॉनसून की बारिश को लेकर मौसम विभाग की संभावनाओं का नहीं दिखा असर, तापमान में बढोत्तरी से लोग हो रहे परेशान सहरसा. मौसम का मिजाज इन दिनों लगातार चढ़ रहा है. अब जबकि मॉनसून की बारिश की जरूरत है. इस समय भी तेज गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं. शनिवार को दोपहर थोड़ी देर के लिए आसमान में बादलों ने अपना डेरा डाला. लेकिन तुरंत हवा के झोंके के साथ समाप्त हो गया. फिर से वही दोपहर जिससे लोग डरे सहमे नजर आ रहे थे. तेज गर्मी से हालात बद से बदत्तर हो रहे हैं. उस पर बिजली की आंख मिचौली से लोगों को कहीं भी राहत नहीं मिल पा रही है. घरों से लेकर कार्यालयों में लगे एसी भी बिजली की आंख मिचौली से ठंढक नहीं दे पा रहे हैं. राह चलना आसान नहीं रह गया. वहीं किसान पानी की आस में आसमान की ओर टकटकी लगाये हैं. जबकि आज भी मॉनसून रूठा नजर आ रहा है. मौसम विभाग द्वारा जारी संभावना दूर दूर तक नजर नहीं आ रही है. शनिवार को मौसम विभाग ने 18 एमएम वर्षा की संभावना व्यक्त की थी. लेकिन इसके विपरीत तापमान 40 डिग्री के आसपास नजर आया. लोग परेशानी में नजर आये. वहीं किसानों की स्थिति भी खराब होती जा रही है. जिले की मुख्य फसल धान की खेती आज भी मॉनसून के भरोसे ही हो रही है. इस समय किसानों के खेत में बिचडे़ रोपनी के लिए तैयार हो जाते थे. लेकिन अबतक किसान धान के बीज तक खेतों में डाल नहीं पाये हैं. जिससे उनकी फसल पर असर होता दिख रहा है. जबकि मॉनसून की पहली वर्षा जिले में 12 से 14 जून के बीच होती रही है. जिससे किसानों की खेती सुगमता से होती थी. इस बार मॉनसून के समय से प्रवेश नहीं होने से किसानों के हाथ पांव फूलने लगे हैं. वहीं तपती गर्मी से आम लोगों की परेशानी भी बढ गयी है. खासकर दैनिक मजदूरों पर तेज गर्मी का काफी असर पड रहा है. मॉनसून की बेरुखी से किसानों को दिक्कत शहरी लोग तो गर्मी से झुलस ही रहे हैं. साथ ही उन्हें एसी या कूलर से काफी हद तक राहत है. लेकिन असल दिक्कत गांव के किसानों के लिए है. धान के बीज डालने का समय आ चुका है. किसानों के लिए दिक्कत यह है कि खेत में पानी डालते ही सूख जा रहा है. ऐसे में आसमानी बारिश का आना बेहद जरूरी है. लेकिन मॉनसून इस वर्ष धोखा देता नजर आ रहा है. अब मॉनसून आने की संभावना 18 जून को व्यक्त की जा रही है. लेकिन बढती गर्मी को देख शायद यह दिन भी कहीं आगे ना बढ़ जाये. जबकि मॉनसून का बिहार में प्रवेश पूर्णियां जिले से होता रहा है. जहां से दूसरे या तीसरे दिन कोसी प्रमंडल में प्रवेश होता है. मॉनसून की बेरुखी से सबसे अधिक प्रभावित किसान हो रहे हैं. अगवानपुर कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि मौसम विभाग ने मॉनसून के 18 जून को पूर्णिया के रास्ते बिहार में कदम रखेगा. इसके बाद 19 जून से मौसम बदलना शुरू हो जायेगा. जिसका पहला प्रभाव कोसी क्षेत्र के जिलों में दिखेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >