सहरसा : बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक के तहत बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में किए जाने वाले संशोधनों के विरोध में मंगलवार को एमएलटी कॉलेज के शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण एवं सांकेतिक प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व महाविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव सह सीनेट सदस्य डॉ. संजीव कुमार झा ने किया.
संशोधनों पर जताई आपत्ति
प्रदर्शन के दौरान डॉ. संजीव कुमार झा ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के तहत अंगीभूत डिग्री महाविद्यालयों एवं स्नातकोत्तर विभागों के लिए पृथक संवर्ग के गठन तथा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता से जुड़े प्रावधानों को लेकर शिक्षकों में असंतोष है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वैधानिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रावधानों को लेकर राज्यभर में चिंता का माहौल है.
शिक्षा की गुणवत्ता पर असर की जताई आशंका
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलावों से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्वायत्तता तथा शोध एवं शिक्षण का वातावरण प्रभावित हो सकता है. सरकार से मांग की गई कि शिक्षकों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक पहल की जाए.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
शिक्षक संघ ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
प्रदर्शन में डॉ. विनीत शर्मा, डॉ. अन्नू कुमारी, डॉ. वीणा कुमारी, डॉ. बिजेंद्र झा, डॉ. दीप्ति कुमारी, डॉ. राम नरेश रॉय, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अपर्णा कुमारी सहित महाविद्यालय के कई शिक्षक उपस्थित रहे.
