सहरसा के MLT कॉलेज में हिंदी सप्ताह शुरू, मौके पर मिले विषय और छात्रों ने तुरंत दिया दमदार भाषण

MLT कॉलेज में हिंदी सप्ताह का उद्घाटन आशुभाषण प्रतियोगिता के साथ हुआ. विभिन्न विषयों के छात्रों ने अपनी प्रत्युत्पन्नमति और अभिव्यक्ति क्षमता का परिचय दिया. यह आयोजन हिंदी को दैनिक जीवन की भाषा बनाने के महत्व पर जोर देता है.

Hindi Week in MLT College: सहरसा में किसी विषय की जानकारी पहले से न हो और उसी समय बोलने के लिए कहा जाए, तो अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखना आसान नहीं होता. लेकिन एमएलटी कॉलेज में आयोजित आशुभाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने इसी चुनौती को स्वीकार किया. मौके पर विषय दिया गया और छात्र-छात्राओं ने बिना पूर्व तैयारी के अपनी प्रत्युत्पन्नमति और अभिव्यक्ति क्षमता का परिचय दिया. किसी ने विषय को तर्क के साथ रखा तो किसी ने भाषा और प्रस्तुति के जरिए निर्णायकों का ध्यान खींचा.

दरअसल, एमएलटी कॉलेज में सोमवार से हिंदी सप्ताह का शुभारंभ हुआ. हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ मयंक भार्गव के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र कॉलेज परिसर में हुआ. सात से 14 सितंबर तक चलने वाले हिंदी सप्ताह की शुरुआत विद्यार्थियों की प्रतिभा परखने वाली आशुभाषण प्रतियोगिता से की गयी.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो डॉ सुधीर कुमार सिंह ने की. राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ बलवीर कुमार झा और भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य डॉ संजीव कुमार झा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे.

हिंदी सिर्फ विषय नहीं, जीवन की भाषा बने

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रो डॉ सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी हमारी अस्मिता और एकता की भाषा है. उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखने की अपील की. उनके अनुसार हिंदी को दैनिक जीवन, चिंतन और सृजन की भाषा बनाया जाना चाहिए.

विशिष्ट अतिथियों ने भी राजभाषा हिंदी के महत्व, वर्तमान स्थिति और इसके प्रचार-प्रसार की जरूरत पर विस्तार से प्रकाश डाला. कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि भाषा की मजबूती केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके लगातार इस्तेमाल और रचनात्मक अभिव्यक्ति से भी जुड़ी होती है.

मौके पर मिला विषय, तुरंत करनी थी प्रस्तुति

हिंदी सप्ताह के उद्घाटन अवसर पर आयोजित आशुभाषण प्रतियोगिता में बीएड, इतिहास, अंग्रेजी, हिंदी सहित विभिन्न विषयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि प्रतिभागियों को मौके पर ही विषय दिए गए.

इससे विद्यार्थियों के सामने तत्काल सोचने और अपनी बात को व्यवस्थित तरीके से रखने की चुनौती थी. छात्रों ने अपनी प्रत्युत्पन्नमति और अभिव्यक्ति क्षमता का परिचय देते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया.

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ दीप्ति कुमारी, पर्यावरण विज्ञान के डॉ आदित्य, राजनीति विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ गौतम और मीडिया प्रभारी डॉ हर्षवर्धन शामिल थे. निर्णायकों ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की और बेहतर प्रस्तुति तथा प्रभावशाली अभिव्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए.

14 सितंबर तक चलेंगे अलग-अलग कार्यक्रम

एमएलटी कॉलेज में हिंदी सप्ताह के दौरान सिर्फ भाषण और आशुभाषण तक कार्यक्रम सीमित नहीं रहेंगे. मंगलवार को स्वरचित कविता लेखन का आयोजन होगा. नौ सितंबर को 'सोशल मीडिया के दौर में हिंदी का बदलता स्वरूप' विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता होगी.

10 सितंबर को 'राजभाषा हिंदी वर्तमान स्थिति, चुनौतियां एवं भविष्य की संभावनाएं' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. 11 सितंबर को काव्यपाठ प्रतियोगिता होगी. 12 सितंबर को शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

वहीं 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी के साथ हिंदी सप्ताह का समापन होगा. इस तरह पूरे सप्ताह विद्यार्थियों और कॉलेज कर्मियों को हिंदी से जुड़े अलग-अलग रचनात्मक और वैचारिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा.

Hindi Week in MLT College: भाषा के साथ अभिव्यक्ति का भी मंच

हिंदी सप्ताह का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल भाषा संबंधी गतिविधियों तक सीमित नहीं है. आशुभाषण जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए उन्हें कम समय में सोचने, विषय को समझने और प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने का अवसर भी मिल रहा है. कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम इसी व्यापक उद्देश्य की दिशा में एक प्रयास है.

कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभाग के डॉ रौशन कुंवर ने किया. अतिथियों का स्वागत डॉ सोना बाबू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग की डॉ अंशु कुमारी ने किया.

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By Vinay Kumar Mishra

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