लौहयुक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
सोनवर्षाराज. प्रखंड क्षेत्र के देहद पंचायत स्थित पदमपुर महादलित टोला में करीब छह माह पूर्व पीएचईडी द्वारा स्थापित मिनी वाटर प्लांट अब भी अपने संचालन की प्रतीक्षा कर रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट शुरू होने से पहले ही इसकी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, जिससे लोगों को आज भी लौहयुक्त पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है. बुधवार को वार्ड संख्या आठ के पूर्व मुखिया सह जिला पार्षद अमरेंद्र भास्कर सहित तारणी राम, अशोक राम, सुंदरी देवी, जयकुमार राम, रमेश राम, प्रशांत कुमार, नथुनी राम, धीरेंद्र राम, इंद्रदेव राम, उमेश राम, मनोज तांती, संजीव तांती, विपिन तांती, रंजन तांती, चंद्र किशोर तांती और पंकज कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि नवंबर 2025 में संवेदक मुकेश झा द्वारा मिनी वाटर प्लांट लगाया गया था. उस समय ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उन्हें लौहयुक्त पानी से राहत मिलेगी और शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा.ग्रामीणों के अनुसार, स्थापना के कुछ ही महीनों में प्लांट से जुड़े सभी वाटर पोस्ट क्षतिग्रस्त हो गये. वहीं बीते अप्रैल माह में आये तेज तूफान के कारण प्लांट की पानी टंकी भी ध्वस्त हो गयी. इसके बाद न तो संवेदक ने दोबारा स्थल का दौरा किया और न ही प्लांट से एक बूंद स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो सकी. ग्रामीणों ने बताया कि इस प्लांट से पदमपुर के लगभग 200 परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन योजना अधूरी रहने से लोग आज भी लौहयुक्त पानी का सेवन करने को विवश हैं. इस संबंध में पीएचईडी के कनीय अभियंता भोले शंकर ने बताया कि क्षतिग्रस्त वाटर टैंक की खरीदारी कर ली गयी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 10 दिनों के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर प्लांट से जलापूर्ति शुरू कर दी जायेगी.
