पतरघट (सहरसा) से राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट: स्थानीय थाना से महज 500 गज की दूरी पर स्थित पतरघट मुख्य बाजार चौक इन दिनों अव्यवस्था का केंद्र बना हुआ है. सड़क किनारे अवैध रूप से लग रही मांस, मछली, अंडा और मुर्गा की दुकानों ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है. इन दुकानों से निकलने वाली भारी दुर्गंध और गंदगी के कारण बाजार का वातावरण पूरी तरह दूषित हो गया है.
दुर्गंध से राहगीर परेशान, नाक पर रुमाल रख गुजरने की मजबूरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन सुबह से शाम तक सड़क की पटरियों पर मांस-मछली की दुकानें सजती हैं. दुकानदार अवशेषों को सड़क किनारे ही फेंक देते हैं, जिससे पूरे इलाके में सड़ांध फैल रही है. स्थिति इतनी विकट है कि इस मार्ग से गुजरने वाले लोग नाक पर रुमाल रखकर चलने को मजबूर हैं. गंदगी के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा भी गहराने लगा है.
सड़क अतिक्रमण से जाम की समस्या
इन दुकानों के कारण न केवल गंदगी फैल रही है, बल्कि सड़क भी अतिक्रमित हो गई है. दुकानदारों द्वारा मार्ग के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेने से यातायात बाधित हो रहा है. बाजार में आने वाले ग्राहकों और राहगीरों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
विरोध करने पर एकजुट हो जाते हैं विक्रेता
ग्रामीणों का आरोप है कि जब कभी इस गंदगी और अतिक्रमण का विरोध किया जाता है, तो मांस-मछली विक्रेता एकजुट होकर विरोध करने वालों के साथ उलझ जाते हैं और उल्टे उन पर ही आरोप लगाने लगते हैं. इस कारण स्थानीय लोग अब खुलकर विरोध करने से कतराने लगे हैं.
प्रशासनिक उदासीनता पर उठाए सवाल
लोगों ने स्थानीय प्रशासन पर भी उदासीनता का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि थाना के इतने नजदीक होने के बावजूद पुलिस और संबंधित विभाग इस अव्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने प्रशासन से अविलंब संज्ञान लेने, सड़क किनारे से इन दुकानों को हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है ताकि बाजार में स्वच्छता और सुगम यातायात बहाल हो सके.
