98 करोड़ से बदलेगी मत्स्यगंधा झील की तस्वीर, पर्यटन निदेशक ने लिया जायजा

वर्षों से उपेक्षित रही मत्स्यगंधा झील अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है. करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से झील के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है.

ग्लास ब्रिज की बाधा दूर, शुरू हुआ निर्माण कार्य, होटल कोसी बिहार का भी होगा रिनोवेशन

सहरसा. वर्षों से उपेक्षित रही मत्स्यगंधा झील अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है. करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से झील के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है. सोमवार को पर्यटन विभाग के निदेशक नंदकिशोर ने तकनीकी टीम के साथ निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया और कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष जताते हुए सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान निदेशक ने निर्माणाधीन फूड कोर्ट का जायजा लिया और झील के मनोरम दृश्य को देखते हुए फूड कोर्ट के सामने ग्लास लगाने का निर्देश दिया. उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होटल कोसी बिहार का भी निरीक्षण किया तथा उसके रिनोवेशन की योजना पर चर्चा की. साथ ही ग्लास ब्रिज निर्माण स्थल का निरीक्षण कर लंबित तकनीकी बाधाओं के समाधान के बाद निर्माण कार्य तत्काल गति देने का निर्देश दिया. पटना की कार्य एजेंसी अद्या राज डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा झील परिसर में विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं. होटल कोसी बिहार के निकट फूड कोर्ट का निर्माण अंतिम चरण में है और इसके अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है. वहीं ग्लास ब्रिज का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है, जिसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. मौके पर पर्यटन विभाग के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार, कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी, कनीय अभियंता तथा निर्माण एजेंसी की तकनीकी टीम मौजूद थी.

400 मीटर घाट का होगा आधुनिक विकास

परियोजना के तहत झील के लगभग 400 मीटर लंबे घाट का व्यापक विकास किया जा रहा है. इसमें आकर्षक घाट निर्माण, बैठने की व्यवस्था, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. यह घाट धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ लोगों के लिए एक सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा. घाट निर्माण का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है.

ग्लास ब्रिज और मल्टीकलर फाउंटेन बनेंगे आकर्षण का केंद्र

झील के सौंदर्यीकरण की सबसे बड़ी विशेषता ग्लास ब्रिज होगा. तकनीकी बाधाएं दूर होने के बाद इसका निर्माण शुरू कर दिया गया है. झील के ऊपर बनने वाला यह ब्रिज पर्यटकों को झील की सुंदरता का अनूठा अनुभव देगा. इसके अलावा मल्टीकलर फाउंटेन का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जो शाम के समय झील की खूबसूरती को और आकर्षक बनाएगा.

मत्स्यगंधा की विरासत को संजोएगा म्यूजियम

परियोजना के तहत झील किनारे मत्स्यगंधा पर आधारित एक आधुनिक म्यूजियम का निर्माण भी किया जा रहा है. यह म्यूजियम झील की पौराणिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को प्रदर्शित करेगा. साथ ही स्थानीय संस्कृति और इतिहास के संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा. म्यूजियम में डिजिटल डिस्प्ले, आर्ट गैलरी और ऐतिहासिक दस्तावेजों के संग्रह की व्यवस्था भी होगी.

रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

यह परियोजना पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार सृजन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. निर्माण कार्य, रखरखाव, गाइड सेवा, सुरक्षा, सफाई, म्यूजियम संचालन और व्यावसायिक गतिविधियों से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

कई आधुनिक सुविधाओं का हो रहा निर्माण

परियोजना के तहत सेंट्रल एंट्रेंस प्लाजा, एक्सपीरियंस सेंटर, स्मारिका दुकान, टॉयलेट ब्लॉक, शॉप्स, फूड कोर्ट एंड एडमिन ब्लॉक, हाट, पार्किंग, तीन एंट्रेंस गेट, एलिवेटेड वॉक-वे, सेंट्रल स्टैच्यू, ट्री ऑफ लाइट एंड सुपर ट्रीज, सेंट्रल पॉन्ड, परफॉर्मेंस स्टेज, सेल्फी प्वाइंट, मेला ग्राउंड तथा लैंडस्केपिंग के साथ पाथवे निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है.

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