नवहट्टा सहरसा से राजेश डेनजील की रिपोर्ट:
सहरसा: नवहट्टा प्रखंड के कोसी तटबंध के अंदर बसे सात पंचायतों के लोगों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सोमवार को महापंचायत आयोजित की. यह कार्यक्रम उत्क्रमित उच्च विद्यालय परताहा बड़हारा परिसर में हुआ, जिसमें बकुनियां, हाटी, नौला, सतौर, डरहार, शाहपुर और कैदली पंचायत के दो दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए.
महापंचायत में लोगों ने कहा कि आज देश डिजिटल युग की ओर बढ़ रहा है, लेकिन तटबंध के अंदर बसे गांव अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. यहां न तो बेहतर सड़क व्यवस्था है, न ही स्वास्थ्य सेवाएं और न ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा उपलब्ध है.
ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड और जिला मुख्यालय तक पहुंचना बेहद कठिन है, क्योंकि कई गांवों में अब भी सीधी सड़क संपर्क व्यवस्था नहीं है. इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी होती है, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है. बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है.
महापंचायत में सर्वसम्मति से सरकार और जिला प्रशासन से मांग की गई कि तटबंध के अंदर बसे गांवों में जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाए और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकें.
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि बकुनियां पंचायत में स्थित मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज की लगभग 161 एकड़ भूमि पर डिग्री कॉलेज की स्थापना की जाए, जिससे स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े.
इस मौके पर पंसस प्रतिनिधि सह जदयू नेता कमल नारायण गुप्ता, बैजनाथ यादव, संदीप कुमार, चंद्रवीर कुमार, महेश्वर यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
