जीविका दीदी का सिलाई घर बना महिलाओं की ताकत
नगर निगम क्षेत्र के शाहपुर वार्ड संख्या सात में संचालित जीविका दीदी का सिलाई घर ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है.
85 महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
सहरसा. नगर निगम क्षेत्र के शाहपुर वार्ड संख्या सात में संचालित जीविका दीदी का सिलाई घर ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है. यहां 80 से 85 महिलाएं सिलाई कार्य से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं. इस केंद्र का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 13 मार्च को अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान किया था.
आंगनबाड़ी बच्चों के लिए तैयार करती हैं ड्रेस
जीविका द्वारा संचालित इस सिलाई केंद्र में महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए ड्रेस तैयार करती हैं. तैयार पोशाक जीविका के माध्यम से संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचायी जाती है. महिलाओं को उनके कार्य के अनुसार मेहनताना दिया जाता है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं. केंद्र में कार्यरत महिलाओं ने बताया कि पहले उन्हें रोजगार के लिए घर से बाहर भटकना पड़ता था, लेकिन अब गांव एवं पंचायत स्तर पर ही रोजगार मिलने से वे आत्मनिर्भर बन रही हैं. महिलाओं ने कहा कि इस पहल से न केवल उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि परिवार के भरण-पोषण में भी मदद मिल रही है. शाहपुर सहित आसपास के कई गांवों की महिलाएं प्रतिदिन यहां आकर कार्य कर रही हैं.
बिजली कटौती से हो रही परेशानी
सिलाई केंद्र की इंचार्ज सावित्री कुमारी ने बताया कि केंद्र का संचालन सुचारु रूप से किया जा रहा है और महिलाओं में कार्य को लेकर काफी उत्साह है. हालांकि बिजली कटौती बड़ी समस्या बनी हुई है. उन्होंने कहा कि बिजली चले जाने पर महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है. उन्होंने सरकार एवं संबंधित विभाग से केंद्र पर जेनरेटर उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि बिजली बाधित होने पर भी काम जारी रह सके. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह केंद्र महिलाओं के लिए रोजगार के साथ-साथ सम्मान का भी माध्यम बन रहा है.