सहरसा में जन सुराज का नीतीश-भाजपा सरकार पर तीखा हमला: '6 महीने में वादे फेल, 71% मजदूर पलायन को मजबूर'

बिहार की नव निर्वाचित एनडीए (NDA) सरकार के कार्यकाल के छह महीने पूरे होने पर जन सुराज पार्टी ने चौतरफा हमला बोला है. सहरसा में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने सरकार पर युवाओं, महिलाओं और मजदूरों के साथ वादाखिलाफ़ी और विश्वासघात करने का गंभीर आरोप लगाया.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:

रोजगार के आंकड़े पेश कर घेरा: ‘6 महीने में मिलनी चाहिए थी 10 लाख नौकरियां’

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जन सुराज के प्रदेश महासचिव नवल किशोर सिंह ने आंकड़ों के जरिए सरकार की रोजगार नीति की पोल खोली. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय एनडीए ने पांच साल में एक करोड़ रोजगार देने का लोकलुभावन वादा किया था. गणितीय आधार पर इसका मतलब था कि सरकार को प्रतिदिन लगभग 5,476 युवाओं को रोजगार देना चाहिए था और सरकार बनने के शुरुआती छह महीनों के भीतर ही कम से कम 10 लाख नौकरियां मिल जानी चाहिए थीं.

लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है, आज भी बिहार का पढ़ा-लिखा युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहा है. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में बिहार के केवल 25 प्रतिशत मजदूरों को ही अपने गृह राज्य में काम मिल पा रहा है, जबकि 71 प्रतिशत की भारी आबादी रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन (माइग्रेशन) करने को बेबस है.

BPSC TRE-4 भर्ती पर छात्रों के साथ छल, आंदोलनकारियों पर केस दर्ज: जिलाध्यक्ष

जन सुराज के जिलाध्यक्ष कुमार अमृत राज ने शिक्षा और छात्र हितों का मुद्दा उठाते हुए बीपीएससी टीआरई (BPSC TRE 4.0) शिक्षक भर्ती का विशेष जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले इस बड़ी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने का वादा किया था, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई. उल्टे, शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की मांग कर रहे और आंदोलनरत हजारों निर्दोष छात्रों पर फर्जी मुकदमे (केस) दर्ज कर सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का काम कर रही है.

इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर किए गए वादों पर भी प्रहार किया. जिलाध्यक्ष ने कहा कि हर महिला को दो-दो लाख रुपये देने का ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का वादा अब केवल एक चुनावी जुमला साबित हो चुका है. धरातल पर विकास शून्य है, जबकि बिहार पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है.

नीट छात्रा हत्याकांड में चार्जशीट न होना सरकार की विफलता: नीलू देवी

प्रेस वार्ता के दौरान जिला प्रवक्ता फैजूर रहमान और महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष नीलू देवी ने राज्य की कानून व्यवस्था की बदहाली पर मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा किया. चर्चित नीट (NEET) छात्रा हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए नीलू देवी ने तीखे लहजे में कहा कि पुलिस द्वारा समय पर अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल नहीं किए जाने के कारण ही मुख्य आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई. यह पूरी तरह से अभियोजन और सरकार की विफलता है. बिहार में ‘बेटियों की सुरक्षा’ के सरकारी दावे पूरी तरह खोखले और कागजी साबित हुए हैं.

बिहटा के आश्रम से प्रशांत किशोर शुरू करेंगे ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’

प्रेस वार्ता के अंत में जन सुराज के पदाधिकारियों ने संगठन के आगामी राजनीतिक रोडमैप की घोषणा की. उन्होंने बताया कि आज से पूरे राज्य में ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के एक नए और आक्रामक चरण की शुरुआत की जा रही है. इसके तहत जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अब बिहटा स्थित ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ में स्थायी रूप से कैंप करेंगे. वहाँ रहकर वे बिहार भर के सभी जिलों के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं और संगठन के कार्यकर्ताओं से सीधा जनसंवाद करेंगे ताकि राज्य में एक मजबूत और पारदर्शी राजनीतिक विकल्प खड़ा किया जा सके.

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Published by: Divyanshu Prashant

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