सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: बिहार चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला शाखा द्वारा शनिवार को असैनिक शल्य चिकित्सक (सिविल सर्जन) कार्यालय के समक्ष अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के माध्यम से जिला संयोजक कुमार प्रियांशु ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव के नाम एक 26 सूत्री मांगपत्र सौंपा.
मांगपत्र में शामिल मुख्य मांगें
स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सौंपे गए मांगपत्र में कर्मचारियों के हितों और मानदेय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- पेंशन और श्रम कानून: बिहार में चार नए श्रम कोड को लागू नहीं करने तथा एनपीएस (NPS) व यूपीएस (UPS) को समाप्त कर सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग.
- वेतन और मानदेय: कार्य बहिष्कार (हड़ताल) अवधि के रुके हुए वेतन का अविलंब भुगतान करने तथा शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण कार्य में तैनात संविदागत अर्बन एएनएम (ANM) को न्यूनतम वैधानिक मजदूरी के रूप में 26 हजार रुपये का भुगतान करने की मांग.
- तबादला और प्रोन्नति: बिना प्रोन्नति (प्रमोशन) के किसी भी संवर्ग के कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक लगाने, सभी संवर्गों की वरीयता सूची (सीनियरिटी लिस्ट) सार्वजनिक करने तथा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उनके गृह जिला या सीमावर्ती निकटतम जिले में पदस्थापित करने की मांग.
- अवकाश: महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मातृत्व अवकाश और स्वच्छता प्रमाण पत्र की सुलभ सुविधा देने की मांग.
महासंघ और संघ के कई नेता रहे मौजूद
इस प्रदर्शन और मांगपत्र सौंपने के दौरान स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के कर्मी और कर्मचारी नेता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. मौके पर मुख्य रूप से:
- बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री शरद कुमार
- स्वास्थ्य संघ के सहायक जिला मंत्री सुरेश यादव
- महिला स्वास्थ्य कर्मी बसुंधरा कुमारी और सिंकी कुमारी
- नंद कुमार खां, माधव खां, प्रकाश कुमार, अशोक कुमार, विनय मुर्मू, कुंदन कुमार, संजय मोहंती, विद्यानंद वर्मा, भारतेंदु शेखर और अभिषेक मिश्रा सहित दर्जनों स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.
