ई-शिक्षा कोष पर बनती है मार्क्स ऑन ड्यूटी की फर्जी उपस्थिति
फोटो से फोटो कर बनायी जाती है ई-शिक्षा कोष पर फर्जी उपस्थिति
नवहट्टा. बिहार में सरकारी विद्यालय में सरकार जितना शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास कर रही है, उतना ही कुछ शिक्षक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने में लगे हुए हैं. ताजा मामला नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र के हिंदी प्रसबन्ना मध्य विद्यालय का है, जहां विद्यालय के शिक्षक पंकज कुमार वर्ष 2025 में मात्र चार दिन ही स्कूल गए हैं. वर्ष 2025 के जनवरी माह से लेकर अब तक में एक सप्ताह भी विद्यालय में उपस्थित नहीं रहे हैं. प्रखंड कार्यालय की ओर से प्रतिनियुक्त होकर मौज कर रहे हैं.
सूचना के मुताबिक पंकज कुमार की फर्जी उपस्थिति ई-शिक्षा कोष पर दूसरे शिक्षक द्वारा मार्क ऑन ड्यूटी कर बनायी जाती है. न तो पंकज कुमार विद्यालय में रहते हैं और न ही प्रखंड कार्यालय में अपने प्रतिनियुक्त कार्यालय में उपस्थित रहते हैं. उनके बदले मोबाइल के माध्यम से ई-शिक्षा कोष पर फर्जी उपस्थिति दर्ज की जाती है. बताया जाता है कि प्रखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्त दूसरे शिक्षक द्वारा ही पंकज कुमार की यह फर्जी उपस्थिति बनाई जाती है. क्या यह जायज है कि कोई भी शिक्षक लगातार 15-16 माह तक अपने विद्यालय से बाहर रहकर दूसरे कार्यालय में प्रतिनियुक्त रह सकते हैं. क्या शिक्षा विभाग इस फर्जी ई-शिक्षा कोष पर बनी उपस्थिति की मॉनिटरिंग नहीं करती है. क्या इतने लंबे समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहकर प्रतिनियुक्ति पर रहना उचित है. क्या शिक्षकों का कर्तव्य सिर्फ प्रतिनियुक्ति निभाना ही रह गया है. मामले में विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 से अब तक शिक्षक पंकज कुमार ने शायद 4 दिन भी विद्यालय में ड्यूटी नहीं की है. वहीं बीडीओ प्रिया भारती ने बताया कि हम अपने स्तर से मामले को देख रहे हैं. यदि फर्जी उपस्थिति बनाई जा रही है या लंबे समय से विद्यालय से अनुपस्थित हैं तो इस मामले को गंभीरता से जांचा जायेगा, जबकि डीईओ हेमचंद्र ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है. वे अपने स्तर से जांच करवायेंगे. यदि लंबे समय से प्रतिनियुक्त हैं तो किस कार्य से हैं, इसकी भी जांच होगी. उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना कार्य में इन्हें प्रतिनियुक्त नहीं किया गया है, मामले को दिखवाया जायेगा.