मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत राज्य के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह 125 यूनिट तक बिजली खपत पर पूर्ण अनुदान के साथ निःशुल्क बिजली उपलब्ध करायी जा रही है. वहीं, 125 यूनिट से अधिक बिजली खपत होने पर नियमानुसार सब्सिडी वाला ऊर्जा शुल्क, विद्युत कर एवं फिक्स्ड चार्ज लागू होगा. बिलिंग व्यवस्था में तकनीकी सुधार के बाद उपभोक्ताओं के अगस्त 2026 के बिजली बिल में कुछ लंबित फिक्स्ड चार्ज एक साथ समायोजित किये गये हैं.
बिलिंग व्यवस्था में किया जा रहा तकनीकी सुधार
विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहरसा अमित कुमार ने बताया कि बिलिंग व्यवस्था को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए राजस्व प्रबंधन प्रणाली लागू की गयी है. इसके तहत बिलिंग प्रक्रिया में तकनीकी सुधार किये जा रहे हैं और सामने आने वाली समस्याओं का भी त्वरित समाधान किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि जून एवं जुलाई 2026 में 125 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले कुछ शहरी उपभोक्ताओं की जमा राशि से तकनीकी कारणों से फिक्स्ड चार्ज की कटौती नहीं हो सकी थी. इस अवधि में किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन इस आधार पर नहीं काटा गया था. तकनीकी समस्या दूर होने के बाद लंबित फिक्स्ड चार्ज की राशि अगस्त 2026 के बिजली बिल में एक साथ समायोजित की गयी है.
स्मार्ट प्रीपेड मीटर वालों को भी राहत
कार्यपालक अभियंता ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह की पहली तारीख से 125 यूनिट तक की खपत पर ऊर्जा शुल्क नहीं देना होगा. 125 यूनिट से अधिक खपत होने के बाद शेष अवधि में नियमानुसार ऊर्जा शुल्क एवं फिक्स्ड चार्ज की कटौती की जायेगी.
बिल की नियमित जांच करने की अपील
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपने बिजली बिल की नियमित रूप से जांच करने की अपील की है. बिल में किसी तरह की राशि को लेकर भ्रम या शिकायत होने पर उपभोक्ता 1912 टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. विभाग की ओर से बिलिंग व्यवस्था में हुए बदलाव की जानकारी उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से भी दी जा रही है.
