पॉक्सो एक्ट आठ के तहत दोषी को चार वर्ष का कठोर कारावास, दस हजार रुपये का लगाया जुर्माना

व्यवहार न्यायालय के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो राकेश कुमार राकेश की अदालत ने बुधवार को महिषी थाना क्षेत्र के बरेठा निवासी अमरजीत यादव उर्फ प्रियदर्शी राज को विभिन्न धाराओं में अधिकतम चार वर्ष की सजा सुनायी.

सहरसा. व्यवहार न्यायालय के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो राकेश कुमार राकेश की अदालत ने बुधवार को महिषी थाना क्षेत्र के बरेठा निवासी अमरजीत यादव उर्फ प्रियदर्शी राज को विभिन्न धाराओं में अधिकतम चार वर्ष की सजा सुनायी. भादवि की धारा 341 के तहत अभियुक्त अमरजीत यादव को 15 दिनों का कारावास व तीन सौ रुपये अर्थदंड किया गया. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर पांच दिनों का अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. भादवि की धारा 323 के तहत अभियुक्त को छह माह का कारावास व पांच हजार का अर्थ दंड किया गया. अर्थ दंड नहीं देने पर एक माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. भादवि की धारा 354 ए के तहत अभियुक्त को दो साल का कारावास व पांच हजार अर्थदंड किया गया. अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने की स्थिति में छह महीने का अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. भादवि की धारा 504 में अभियुक्त को एक वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार का जुर्माना किया गया. जुर्माने की रकम नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. भादवि की धारा 506 के तहत अभियुक्त अमरजीत यादव को दो वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार जुर्माना किया गया. जुर्माने की रकम नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. भादवि की धारा 509 के तहत अभियुक्त अमरजीत यादव को दो वर्ष कठोरतम कारावास एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया. जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. एससी एसटी एक्ट के तहत तीन वर्ष का कठोरतम सजा एवं दस हजार जुर्माना किया गया. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में छह माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी. जबकि पॉक्सो एक्ट आठ के तहत अभियुक्त को चार वर्ष का कठोर कारावास एवं दस हजार रुपए का जुर्माना किया गया. जुर्माने की रकम नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी. पॉक्सो की धारा 12 में अभियुक्त अमरजीत यादव को दो वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया. जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सभी सजा साथ-साथ चलेगी. उक्तवाद में अभियोजन की तरफ से बिंदेश्वरी प्रसाद यादव ने छह गवाहों की गवाही न्यायालय में प्रस्तुत किया. जिन्होंने घटना का समर्थन किया. मालूम हो कि नौ जुलाई की शाम पीड़िता दुकान से सामान लेकर आ रही थी. उसी समय अभियुक्त अमरजीत यादव ने बुरी नीयत से जबरदस्ती खींचकर ले जाने लगा. पीड़िता ने जब हल्ला किया तो छोड़ कर भाग गया. पीड़िता की मां ने जब उसे उससे पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया तो अभियुक्त ने पीड़िता की मां के साथ गाली-गलौज कर बाल खींचकर नीचे पटक कर मारपीट की. पीड़िता की मां को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

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By Dipankar Shriwastaw

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