सहरसा. पिछले लगभग दस दिनों तक गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज काफी गर्म हो गया है. सुबह होते ही तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है. बढ़ती गर्मी से आमजन, खासकर रोजमर्रा की मजदूरी करने वाले गरीब तबके के लोग अधिक परेशान हैं. मौसम के बदले तेवर को देखकर लोग गर्मी से भयभीत नजर आ रहे हैं. घरों से बाहर निकलने वाले लोग छांव की तलाश में पेड़ों के नीचे समय बिताने को मजबूर हैं. घरों में भी पंखे की हवा गर्मी से राहत दिलाने में असफल साबित हो रही है. ऊपर से बिजली की आंख-मिचौनी ने परेशानी और बढ़ा दी है. ग्रामीण इलाकों में बार-बार बिजली आने-जाने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मौसम पूर्वानुमान में पिछले चार दिनों से आंधी-पानी की संभावना जतायी जा रही है, लेकिन इसके विपरीत तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. अप्रैल महीने में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, हालांकि वर्षा और तेज हवा से लोगों को कुछ राहत मिली थी. अब फिर उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
उमस भरी गर्मी से हो हो रहे बीमार, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
तेज धूप और बढ़ती उमस के कारण बुखार, गले में दर्द, खुजली, सिरदर्द और बेचैनी जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी और लापरवाही के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है.
ह्यूमिडिटी बढ़ने से और बढ़ी परेशानी, 40 डिग्री तक जा सकता है पारा
अगवानपुर कृषि महाविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक जितेंद्र कुमार ने बताया कि तापमान बढ़ने के साथ ह्यूमिडिटी भी काफी बढ़ गयी है, जिससे गर्मी अधिक महसूस हो रही है. उन्होंने बताया कि शनिवार को 36 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. उन्होंने बताया कि कोसी क्षेत्र में 13 से 15 जून के बीच मॉनसून की एंट्री होने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों से धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर नहीं निकलने की अपील की है.
