बाल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर समन्वय को लेकर हुआ प्रमंडल स्तरीय विचार गोष्ठी सह संवेदीकरण कार्यक्रम सहरसा . प्रेक्षागृह में समाज कल्याण विभाग द्वारा शनिवार को बाल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर पारस्परिक समन्वय को लेकर प्रमंडल स्तरीय विचार गोष्ठी सह संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने की.कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार, जिलाधिकारी दीपेश कुमार, जिलाधिकारी सुपौल सावन कुमार, जिलाधिकारी मधेपुरा अभिषेक रंजन, पुलिस अधीक्षक हिमांशु, पुलिस अधीक्षक सुपौल शरथ आर एस, पुलिस अधीक्षक मधेपुरा डॉ संदीप सिंह, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत तथा किशोर न्याय परिषद के न्यायाधीश सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पहल बच्चों की सुरक्षा, देखरेख, संरक्षण, पुनर्वास तथा उनके अधिकारों की प्रभावी सुनिश्चितता की दिशा में एक साझा, संस्थागत और उत्तरदायी प्रयास है. बाल संरक्षण एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि पुलिस, विशेष कर किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय परिषद, जिला बाल संरक्षण इकाई, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाइल्ड लाइन, बाल देखरेख संस्थानों व जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों की संयुक्त भूमिका आवश्यक है. इससे पूर्व जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा सहित बाल संरक्षण के तहत विभिन्न योजनाओं परवरिश, स्पॉनरशिप सहित अन्य योजनाओं की जानकारी एवं सहयोग की साथर्कता के बारे में बताया. कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग से आये पदाधिकारी विकास कुमार एवं रिसोर्स पर्सन के रूप में आये सुनील झा व भगवान पाठक ने सभी प्रतिभागियों को किशोर न्याय अधिनियम, किशोर न्याय नियमावली के विभिन्न प्रावधानों, नियमों एवं कार्य में प्रयुक्त विभिन्न प्रारूपों की उपयोगिताओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में आये बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य द्वारा सवालों का उत्तर भी रिसोर्स पर्सन ने दिया. कार्यक्रम का सफल आयोजन जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक बाल संरक्षण, बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य ने किया. मौके पर सहित तीनों जिले के सिविल सर्जन, शिक्षा विभाग के अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, श्रम अधीक्षक, अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला खेल पदाधिकारी, बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय परिषद एवं बालकों के आवासन से संबंधित संस्थाओं के प्रधान सहित सभी शेयरधारक मौजूद थे.
प्रावधानों के सुनिश्चित अनुपालन की आवश्यकता पर दिया गया बल
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