सौरबाजार में घर के अंदर विषैले सर्प ने डंसा, अस्पताल ले जाने के दौरान बुजुर्ग की मौत

सहरसा जिले के सौरबाजार में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ घर में काम कर रहे 55 वर्षीय बुजुर्ग दीपनारायण यादव की सर्पदंश से मौत हो गई। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, जनप्रतिनिधियों ने मुआवजे की मांग की है।

Saharsa Snake Bite Death: सौरबाजार (सहरसा). बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के खजुरी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-6 में गुरुवार सुबह सर्पदंश से एक बुजुर्ग की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है.

घर में काम करने के दौरान सांप ने डंसा

मिली जानकारी के अनुसार खजुरी वार्ड संख्या-6 निवासी 55 वर्षीय दीपनारायण यादव गुरुवार सुबह अपने घर में घरेलू कार्य कर रहे थे. इसी दौरान घर के अंदर मौजूद एक विषैले सर्प ने उन्हें डंस लिया. सर्पदंश के बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी.

रेफर होने के बाद रास्ते में तोड़ा दम

परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सौरबाजार लेकर पहुंचे. वहां सर्पदंश के समुचित उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल, सहरसा रेफर कर दिया. लेकिन अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने पर बैजनाथपुर थाना पुलिस और सौरबाजार अंचल प्रशासन ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक दीपनारायण यादव कृषि और पशुपालन के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनके परिवार में दो पुत्र धर्मेंद्र कुमार और रोशन तथा एक पुत्री हैं. उनकी असामयिक मौत से परिवार पर आर्थिक और भावनात्मक संकट गहरा गया है.

जनप्रतिनिधियों ने मुआवजे की मांग की

Saharsa Snake Bite Death: घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय सरपंच श्रवण पौद्दार, पैक्स अध्यक्ष राजीव रंजन, उपसरपंच प्रतिनिधि मंतोष कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि मृतक के घर पहुंचे. सभी ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से सरकारी प्रावधान के तहत आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की.

चिकित्सकों ने दी अंधविश्वास छोड़ने की सलाह

चिकित्सकों ने कहा कि करैत जैसे विषैले सांप के काटने पर हर मिनट कीमती होता है. ऐसे मामलों में झाड़-फूंक, नीर पिलाने या अन्य अंधविश्वासी उपायों में समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है. मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर एंटी स्नेक वेनम उपचार शुरू कराना ही सबसे प्रभावी उपाय है. बरसात के मौसम में सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए लोगों को जमीन पर सोने से बचना चाहिए और सर्पदंश की किसी भी घटना को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें, जानें चिकित्सकों की राय

क्या करें (तुरंत अपनाएं ये कदम)

  • शांत रहें और ढांढस बंधाएं: पीड़ित व्यक्ति को घबराने न दें, क्योंकि घबराहट से दिल की धड़कन बढ़ती है और जहर शरीर में तेजी से फैलता है.
  • अंगों को स्थिर रखें: जिस अंग (हाथ या पैर) पर सांप ने काटा है, उसे बिल्कुल न हिलाएं। उसे सीधा और दिल के स्तर से नीचे रखने की कोशिश करें.
  • गहने और तंग कपड़े हटाएं: डंसे हुए अंग से तुरंत घड़ी, अंगूठी, चूड़ी या तंग कपड़े हटा दें, क्योंकि सूजन आने पर ये रक्तप्रवाह को रोक सकते हैं.
  • घाव को साफ करें: यदि संभव हो, तो घाव को साफ पानी या साबुन से हल्के से धो लें, लेकिन उस पर दबाव न डालें.
  • बिना समय गंवाएं अस्पताल भागें: मरीज को सीधे निकटतम सरकारी अस्पताल (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले जाएं, जहां एंटी-वेनम (Anti-Snake Venom) उपलब्ध हो.

क्या बिल्कुल न करें (ये गलतियां हो सकती हैं जानलेवा)

  • झाड़-फूंक या मंदिर-मजार के चक्कर में न पड़ें: ओझा, गुणी, तांत्रिक या किसी मंदिर में नीर (जल) पिलाने के फेर में कीमती समय बर्बाद न करें.
  • चीरा न लगाएं (कट न मारें): ब्लेड या चाकू से घाव पर चीरा लगाने की गलती बिल्कुल न करें, इससे संक्रमण और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है.
  • मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें: फिल्मों की तरह मुंह से जहर खींचने (सक्शन) का प्रयास न करें, इससे चूसने वाले की जान को भी खतरा हो सकता है.
  • कसकर पट्टी या डोरी न बांधें (टूर्निकेट): पुराने तरीकों की तरह अंग को रस्सी या कपड़े से अत्यधिक कसकर न बांधें, इससे उस हिस्से का रक्तसंचार पूरी तरह बंद हो सकता है और अंग सड़ सकता है.
  • कोई दवा या जड़ी-बूटी न दें: डॉक्टर की सलाह के बिना मरीज को कोई भी घरेलू नुस्खा, जड़ी-बूटी या दर्द निवारक दवा (जैसे एस्पिरिन) न खिलायें.

Also Read : आज से काम पर लौटे EO, 31 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी

पटना एयरपोर्ट पर नया नियम लागू, निजी गाड़ियों को पिक एंड ड्रॉप के लिए मिलेंगे 9 मिनट, ज्यादा रुके तो कटेगा चालान


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >