Teacher Samman Samaroh Saharsa: सहरसा में शिक्षक सिर्फ कक्षा में किताबों का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह नई पीढ़ी की सोच, संस्कार और भविष्य को दिशा देने का काम करता है. इसी भूमिका को सम्मान देने के लिए रविवार को सहरसा के देव रिसॉर्ट में हेल्पिंग बिहार फाउंडेशन की ओर से भव्य शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया. समारोह में बिहार के सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया सहित करीब 13 जिलों और नेपाल से चयनित शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक और सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों के साथ उनके सामाजिक योगदान को भी महत्व दिया गया. आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान शैक्षणिक अवसरों से तय होती है. ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी सिर्फ विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे समाज की अगली पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
शिक्षा के साथ समाज सेवा में योगदान की सराहना
कार्यक्रम का शुभारंभ हेल्पिंग बिहार फाउंडेशन की संरक्षिका सह रमेश झा महिला महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या डॉ रेणु सिंह ने किया. उन्होंने फाउंडेशन की ओर से शिक्षा, समाज और मानव सेवा के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देते हैं. यही वजह है कि शिक्षकों के काम को पहचान और सम्मान मिलना जरूरी है.
समारोह में मौजूद मुख्य वक्ताओं ने भी शिक्षकों के योगदान की सराहना की. वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबों और पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके विचार, संस्कार और दृष्टिकोण को भी आकार देते हैं. किसी विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक की सीख लंबे समय तक प्रभाव छोड़ती है.
13 जिलों के साथ नेपाल के शिक्षक भी सम्मानित
हेल्पिंग बिहार फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस समारोह में बिहार के अलग-अलग जिलों से चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया गया. सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया सहित करीब 13 जिलों के शिक्षक इसमें शामिल हुए. नेपाल से चयनित शिक्षकों को भी उनके शैक्षणिक और सामाजिक योगदान के लिए सम्मान दिया गया.
आयोजन में शिक्षा को समाज के व्यापक विकास से जोड़कर देखने पर जोर दिया गया. वक्ताओं ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान शैक्षणिक अवसर समाज को आगे बढ़ाने की बुनियाद हैं. इसलिए शिक्षकों के अच्छे काम को सामने लाना और उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी है.
कई प्रमुख हस्तियां समारोह में रहीं मौजूद
शिक्षक सम्मान समारोह में बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, विधान परिषद सदस्य डॉ अजय सिंह, तमिलनाडु के पूर्व डीजीपी बीके रवि, पैनोरमा ग्रुप के एमडी संजीव मिश्रा सहित ब्रजेश मिश्रा, किशोर कुमार, डॉ वंदना कुमारी, डॉ शौलेन्द्र कुमार, विष्णु स्वरूप और शिक्षक नेता मनीष सिंह मौजूद रहे.
इनकी मौजूदगी ने समारोह को विशेष बनाया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए. उपस्थित लोगों ने शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हेल्पिंग बिहार फाउंडेशन की पहल की सराहना की.
Teacher Samman Samaroh Saharsa: आयोजन को सफल बनाने में सदस्यों की अहम भूमिका
समारोह को सफल बनाने में फाउंडेशन के अध्यक्ष आशीष सिंह, प्रभाकरण देव, मानव सिंह, तरुण झा, आर्यन वत्स, सर्वेश, सुमित, रवि, आशीष बच्चन, सोनू झा, सम्भावित झा, संजय बसीठ, विद्या सिंह और नवीन सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
मंच संचालन शशिप्रभा जायसवाल ने किया. समारोह में शिक्षकों के सम्मान के साथ शिक्षा और समाज के बीच संबंध को लेकर भी चर्चा हुई. आयोजन का मुख्य संदेश यही रहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं और उनके शैक्षणिक कार्य के साथ सामाजिक योगदान को भी पहचान मिलनी चाहिए.
