नशा मुक्ति केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं, सामाजिक ज़िम्मेदारी भी

नशा मुक्ति केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं, सामाजिक ज़िम्मेदारी भी

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं मानसिक शांति पर सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ कार्यक्रम सहरसा . कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग सहरसा में सोमवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं मानसिक शांति पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो डाॅ आरसी प्रसाद मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं, बल्कि सामाजिक ज़िम्मेदारी भी है. कार्यक्रम का सफल संचालन समन्वयक डाॅ जेपी यादव ने किया. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा तभी सफल हो सकती है, जब छात्र मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक उदय कुमार, क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक सदर अस्पताल जमुई मौजूद थे. उन्होंने छात्रों एवं अध्यापकों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते कहा कि आज की भागदौड़ एवं प्रतिस्पर्धा भरी जिंदगी में मानसिक शांति सबसे बड़ी आवश्यकता है. समय-समय पर तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच एवं नियमित जीवनशैली अपनाकर हम बेहतर मानसिक संतुलन बना सकते हैं. क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक उदय कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने चिंता, फोबिया, पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, डिप्रेशन, गंभीर मानसिक बीमारियां, स्किजोफ्रेनिया व मनोदैहिक विकार जैसे मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने समझाया कि इन विकारों को केवल कमजोरी या सामाजिक कलंक के रूप में देखने की बजाय इन्हें वैज्ञानिक उपचार एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता है. मुख्य अतिथि ने यह भी बताया कि मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा किसी भी व्यक्ति को गंभीर समस्याओं की ओर ले जा सकती है. उन्होंने सभी को ना केवल अपनी पढ़ाई एवं करियर बल्कि मानसिक शांति व संतुलन पर भी ध्यान देने की अपील की. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा एवं शिक्षक मौजूद थे.

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By Dipankar Shriwastaw

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