सहरसा. जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने शनिवार को समेकित बाल विकास परियोजना (आइसीडीएस) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया. उन्होंने असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी तथा निर्देशों की अनदेखी करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी. समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के शेष कार्यों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर एक माह के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया. साथ ही जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय, नल-जल, भवन मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण की आवश्यकता से संबंधित प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा. उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत कहरा शहरी, कहरा ग्रामीण, बनमा ईटहरी, महिषी, नवहट्टा, सत्तरकटैया, सौरबाजार एवं सिमरी बख्तियारपुर में लंबित आवेदनों का दो से तीन दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सिमरी बख्तियारपुर एवं सौरबाजार सहित कुछ परियोजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जतायी और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया. वहीं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में सत्तरकटैया, नवहट्टा एवं सलखुआ परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी असंतोष व्यक्त करते हुए आगामी समीक्षा बैठक से पहले अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने को कहा. बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को अपने निर्धारित दायित्वों का समुचित निर्वहन करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया. बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आइसीडीएस, सभी सीडीपीओ एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
आइसीडीएस योजनाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
समेकित बाल विकास परियोजना (आइसीडीएस) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया.
