केंद्रीय विद्यालय में बोर्ड रिजल्ट सुधार का लक्ष्य, 10वीं-12वीं में 25% छात्रों को 90% से अधिक अंक दिलाने पर जोर

केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन समिति ने 2026-27 सत्र के लिए बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने की योजना बनाई है. लक्ष्य है कि 10वीं और 12वीं कक्षा के कम से कम 25% छात्र 90% से अधिक अंक प्राप्त करें. इसके लिए नियमित टेस्ट, अभ्यास और विषयवार प्रगति पर जोर दिया जाएगा.

केंद्रीय विद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक गुरुवार को जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन समिति दीपेश कुमार की अध्यक्षता में हुई. बैठक में विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर और बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार को लेकर विस्तृत समीक्षा की गयी. डीएम ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कम-से-कम 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया. इसके लिए नियमित टेस्ट, अभ्यास परीक्षा और विद्यार्थियों की विषयवार प्रगति की समीक्षा पर जोर दिया गया.

टेस्ट और मॉडल उत्तर से बेहतर होगी तैयारी

डीएम ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रेरित और मार्गदर्शित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि टेस्ट और अभ्यास परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी का लगातार आकलन किया जाए. पूछे गए प्रश्नों के मॉडल उत्तर उपलब्ध कराकर छात्रों की उत्तर लेखन क्षमता को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया.

बैठक में विद्यार्थियों की कमजोरियों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई. विषयवार कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास और शैक्षणिक सहयोग देने का निर्देश दिया गया.

विज्ञान-गणित की मूल अवधारणाएं होंगी मजबूत

डीएम ने विज्ञान और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों में विद्यार्थियों की मूल अवधारणाओं को मजबूत करने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप लर्निंग प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया. साथ ही एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की तैयारी केवल बोर्ड परीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. विद्यालय में ऐसा मजबूत शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए, जिससे छात्र आगे चलकर नीट, जेईई समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर आधार तैयार कर सकें.

मानसिक स्वास्थ्य और उपस्थिति पर भी फोकस

बैठक में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधियों में सहभागिता और नियमित उपस्थिति को भी शैक्षणिक प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया. अधिकारियों ने माना कि बेहतर परिणाम के लिए पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है.

विद्यालय के समग्र विकास पर बनी रणनीति

बैठक में विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कार्रवाई करने पर सहमति बनी. डीएम ने विद्यालय के समग्र विकास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग देने और बोर्ड परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय सुधार लाने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया.

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By Vinay Kumar Mishra

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