सहरसा में खुला महिला विश्वविद्यालय तो मधेपुरा, सुपौल और खगड़िया की बेटियों की भी बदलेगी तकदीर; जानें क्यों उठी यह मांग

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की विशेष महिला विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा ने कोसी क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है. सहरसा की महापौर ने मुख्यमंत्री से सहरसा में विश्वविद्यालय खोलने की मांग की है, जो क्षेत्र की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खोलेगा.

सहरसा. रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राज्य में विशेष महिला विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा के बाद कोसी क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है. सहरसा नगर निगम की महापौर बैन प्रिया ने मुख्यमंत्री से प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय की स्थापना सहरसा में करने की मांग की है. महापौर ने कहा कि सहरसा जैसे पिछड़े क्षेत्र में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना नारी सशक्तीकरण और महिला शिक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. इससे कोसी क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे.

सभी स्तरों पर महिलाओं की भागीदारी का मिलेगा अवसर

महापौर बैन प्रिया ने कहा कि प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय में कुलपति से लेकर प्रोफेसर, अन्य कर्मचारी और छात्राओं तक सभी स्तरों पर महिलाओं की भागीदारी होगी. ऐसे संस्थान से महिलाओं को शिक्षा के साथ प्रशासनिक, शैक्षणिक और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.

उन्होंने कहा कि महिला विश्वविद्यालय की स्थापना से कोसी क्षेत्र की छात्राओं को अपने ही इलाके में उच्च शिक्षा और आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा.

सहरसा सहित आसपास के जिलों की छात्राओं को मिलेगा लाभ

महापौर ने कहा कि यदि महिला विश्वविद्यालय सहरसा में स्थापित किया जाता है तो इसका लाभ केवल सहरसा जिले तक सीमित नहीं रहेगा. मधेपुरा, सुपौल, खगड़िया और आसपास के अन्य जिलों की छात्राओं को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा.

इन क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करने की मजबूरी कम होगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को भी आगे की पढ़ाई जारी रखने में सुविधा मिल सकती है.

कोसी क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए सहरसा का चयन करने की मांग

महापौर बैन प्रिया ने मुख्यमंत्री से कोसी क्षेत्र की भौगोलिक और शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महिला विश्वविद्यालय के लिए सहरसा का चयन करने की मांग की. उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र लंबे समय से विकास और उच्च शिक्षा के बेहतर संसाधनों की आवश्यकता महसूस कर रहा है. महिला विश्वविद्यालय की स्थापना से पूरे क्षेत्र की छात्राओं को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान मिल सकता है.

नारी सशक्तीकरण के संकल्प को मिलेगी मजबूती

महापौर ने कहा कि महिलाओं के लिए अलग विश्वविद्यालय की स्थापना उन्हें उच्च शिक्षा, शोध और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम होगा. सहरसा में महिला विश्वविद्यालय स्थापित होने से कोसी क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया मंच मिलेगा. साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के सरकार के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी.

अब सरकार के फैसले पर टिकी कोसी क्षेत्र की नजर

महिला विश्वविद्यालय की घोषणा के बाद अब कोसी क्षेत्र में इसे लेकर चर्चा तेज है. सहरसा में विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग उठने के बाद लोगों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि कोसी क्षेत्र की शैक्षणिक जरूरतों और बड़ी संख्या में छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सहरसा पर विचार किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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