पैक्स प्रबंधक की चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से पारदर्शिता से संपन्न कराने की मांग

पैक्स प्रबंधक की चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के बदले गोपनीय तरीके से संपन्न कराने के कारण पंचायत के लोगों ने विभाग के वरीय पदाधिकारी को आवेदन देकर शिकायत की है.

सौरबाजार. पैक्स प्रबंधक की चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के बदले गोपनीय तरीके से संपन्न कराने के कारण पंचायत के लोगों ने विभाग के वरीय पदाधिकारी को आवेदन देकर शिकायत की है. प्रखंड की सहुरिया पूर्वी पंचायत के दर्जनों लोगों ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर युक्त आवेदन सहकारिता विभाग के अधिकारियों को देते हुए कहा है कि प्रबंधक पद के लिए निकाली गयी बहाली को पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधन समिति द्वारा गुप्त रखा गया. इस कारण इस पद के लिए आहर्ता रखने वाले अधिकांश लोग आवेदन करने से वंचित हो गये हैं. बहाली की सूचना पैक्स गोदाम पर चिपकाने के बजाय दुहबी गांव में एक सामुदायिक भवन पर गुप्त तरीके से चिपकायी गयी. साथ ही स्थानीय समाचार पत्रों में बहाली का विज्ञापन नहीं देकर ऐसे समाचार पत्रों में विज्ञापन निकाला गया, जो अखबार सौरबाजार और सहरसा में किसी हाॅकर के पास नहीं रहता है और न बिकता है. ग्रामीण सूरज कुमार, मुकेश कुमार, राजदीप कुमार, प्रिंस कुमार, दीपक कुमार, हसन मियां, अनोज कुमार समेत अन्य लोगों ने गोपनीय तरीके से हो रहे इस बहाली को रोककर पारदर्शिता के साथ बहाली करने की मांग की है. मामले में बीसीओ कैलाश कुमार कौशल ने बताया कि मुझे भी सहुरिया पूर्वी पैक्स प्रबंधक बहाली के बारे में जानकारी नहीं मिली थी. शिकायतकर्ता का आवेदन मिलने पर जानकारी मिली है. जांच की जायेगी. ………………… मनरेगा एकाउंटेंट व पंचायत तकनीकी सहायक कर रहे रिश्वत की मांग मजदूरों का नहीं कर रहे भुगतान, मुरादपुर मुखिया ने डीएम को आवेदन देकर की कार्रवाई की मांग प्रतिनिधि, सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड की ग्राम पंचायत मुरादपुर के मुखिया राहुल कुमार झा ने मनरेगा एकाउंटेंट व पंचायत तकनीकी सहायक द्वारा रिश्वत के लिए महत्वपूर्ण सरकारी का पूर्ण होने के बाद भी भुगतान नहीं करने को लेकर डीएम को आवेदन दिया है. उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत मुरादपुर के तहत सरकार की कई महत्वपूर्ण योजना खेल मैदान, डब्लूपीयू का निर्माण, डब्लूपीयू सड़क का निर्माण, बस स्टैंड का सौंदर्यीकरण व कई अन्य योजनाएं मनरेगा द्वारा संचालित हैं. डब्लूपीयू तक जाने के लिए सड़क का निर्माण अति आवश्यक था, जो पूर्ण कर लिया गया है, लेकिन पूर्ण होने के बावजूद पंचायत तकनीकी सहायक मृत्युंजय कुमार ने रिश्वत के लिए अंतिम दिन मापी पुस्त ऑनलाइन किया. इसमें मजदूरों की निर्धारित राशि से काम में भुगतान के लिए प्रस्ताव भेजा गया. इसके बाद अकाउंटेंट सर्वानंद झा द्वारा रिश्वत की मांग की गयी. जिसमें उन्होंने असमर्थतता व्यक्त की. जिससे मजदूरों का भुगतान नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि इसके पूर्व भी डब्लूपीयू सेंटर का निर्माण अप्रैल 2023 में पूर्ण किया जा चुका है, लेकिन इसका भुगतान आज तक नहीं किया गया है. इससे सरकार के महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना पंचायत में बिल्कुल क्रियाशील नहीं है. मजदूर विलंब होने के कारण कार्य करने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं. इससे पूर्व 2022-23 में मुरादपुर पंचायत सबसे कम मजदूरी देने वाला पंचायत में था. उन्होंने आग्रह किया कि सरकार की योजनाओं का संचालन ससमय हो, इसके लिए दोषी कर्मियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई करें.

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