ऐसा माहौल बनायें कि सोचने पर मजबूर हो जाये सरकार

वित्त अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों की बैठक अनुदान नहीं वेतनमान दो फोरम के बैनर तले बुधवार को आयोजित की गयी.

अनुदान नहीं वेतनमान दो फोरम के बैनर तले अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों ने की बैठक सहरसा. वित्त अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों की बैठक अनुदान नहीं वेतनमान दो फोरम के बैनर तले बुधवार को आयोजित की गयी. प्रेमलता अमfरेंद्र मिश्र महाविद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक को संबोधित करते फोरम प्रदेश संयोजक रौशन कुमार सिंह ने कहा कि हम लोग सरकार व प्रतिनिधियों से ठगाते आ रहे हैं. वे राजनीति करते हैं, लेकिन आप तो बच्चों को राजनीति पढ़ाते हैं. अब हमारी रणनीति तय है. पटना पहुंचकर ऐसा माहौल बनायें कि सरकार सोचने पर मजबूर हो जाये. अनुदान की नीति उलझाने की राजनीति है. हमारे शिक्षक नेता कहते हैं नीतीश जी को सोचने का समय नहीं है. लेकिन कैबिनेट का निर्णय हो रहा है व अन्य विभागों को राशि दी जा रही है. लेकिन हमें भरमाया जाता है. हाजीपुर से आए प्रो रंजीत कुमार ने कहा कि हमारे साथ भेदभाव हो रहा है. सरकार हमारी उपेक्षा कर रही है. अभी भी हम 60 हजार कार्यरत कर्मी हैं व 40 हजार शिक्षक अवकाश प्राप्त हैं. जिनका अनुदान बकाया है. इनके परिवार व संबंधियों का वोट काफी मायने रखेगा. प्रेम शंकर ने कहा कि हम अपने अभिभावकों को सुविधा नहीं दे सके. परिवार व बच्चे भी आर्थिक तंगी से प्रभावित हो गये. सरकार की इस नीति ने तीन पीढ़ियों को बर्बाद किया. प्रो विजय शंकर प्रसाद ने कहा कि अनुदान नीति की कभी समीक्षा नहीं की गयी. नियोजित शिक्षक अधिकांश हमारे संस्थाओं के पढ़ाए हुए हैं. हमें खुशी है कि उन्हें अच्छा वेतनमान मिल रहा है. लेकिन सरकार हमें भी वही सम्मान दे. प्रो अजय कुमार वर्मा के संचालन में चले कार्यक्रम को मो जियाउद्दीन, प्रो दिलीप कुमार ठाकुर, डॉ अरविंद कुमार झा, डॉ दीपक कुमार सिंह, सुशील कुमार यादव, भूपेंद्र प्रसाद यादव, शंभू कुमार, गणेश कुमार, अशोक कुमार राय, भुवनेश्वर प्रसाद सिंह, मो समीउल्लाह, राकेश कुमार सिंह, अश्विनी कुमार झा, सत्यनारायण कुमार, अजय कुमार, रंजीत कुमार झा सहित अन्य ने संबोधित किया. धन्यवाद ज्ञापन प्रो मंत्रेश्वर झा ने करते संगठन को मजबूत करने व पटना के आंदोलन को सफल बनाने की बात कही.

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By Dipankar Shriwastaw

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