प्रधानमंत्री का किया पुतला दहन
प्रधानमंत्री का किया पुतला दहन
खाद की कालाबाजारी व मनरेगा के खिलाफ बिहार राज्य किसान सभा ने निकाला प्रतिरोध मार्च सहरसा . खाद की कालाबाजारी व मनरेगा की हत्या के खिलाफ बिहार राज्य किसान सभा के आह्वान पर सोमवार को प्रतिरोध मार्च व प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया. प्रतिरोध मार्च में शामिल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ओम प्रकाश नारायण ने कहा कि आजादी के लगभग 79 वर्ष बाद भी देश के अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. महंगी खाद, बीज एवं बाढ़ व सुखाड़ की भयावह स्थिति के कारण खेती अलाभकारी होती जा रही है. दूसरी ओर केंद्र व राज्य सरकार की कृषि नीति व आर्थिक नीति के कारण किसान खेती छोड़कर दूसरे काम को प्राथमिकता दे रहे हैं. कुल मिलाकर कृषि संकट गहराती जा रही है. जो देश के विकास के लिए अत्यंत ही खतरनाक है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि में फॉर्मर रजिस्ट्रेशन के नाम पर किसानों को मिलने वाले लाभ से वंचित करने की साजिश चल रही है. अब नये नियम के अनुसार जिनके नाम पर जमीन है, उन्हीं का रजिस्ट्रेशन होगा. उन्हीं को प्रधानमंत्री सम्मान निधि मिलेगा. इस नियम को लागू करने से पहले सरकार को जिन किसानों के दादा-परदादा के नाम पर जमीन है, उन जमीन को वर्तमान किसानों के नाम हस्तांतरित करने के बाद ही इस नियम को लागू करना चाहिए. इसका अर्थ यह हुआ की सरकार साजिश के तहत किसानों को मिलने वाले लाभ से 80 प्रतिशत से अधिक किसान इस लाभ से वंचित हो जायेंगे. दूसरी ओर मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन कर दिया गया. बिहार जैसे गरीब राज्य जो पहले से ही कर्ज का बोझ में दबा हुआ है. वहां मनरेगा लगभग बंद हो जायेगा. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव परमानंद ठाकुर एवं किसान सभा के जिला सचिव विजय कुमार यादव ने कहा कि पैक्स में धान खरीद सीमित करने से किसान खुले बाजार में धान कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं. खाद की कालाबाजारी हो रही है. किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक पर यूरिया एवं डीएपी मिल रहा है. प्रतिरोध मार्च एवं पुतला दहन कार्यक्रम में अध्यक्ष खड़ानंद ठाकुर, प्रभु लाल दास, अमर कुमार, राजेश कुमार, शंकर कुमार, उमेश चौधरी, अभिरन शर्मा, चंद्रकांत मुखिया, उमेश पोद्दार, भूपेंद्र यादव, कमलेश्वरी सादा, जयकिशोर महाशय, अरविंद केसरी सहित अन्य शामिल थे.
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