शुद्ध पेयजल की कमी के बीच बेल के शरबत की बढ़ी मांग, प्रखंड मुख्यालय में राहत के लिए उमड़ रही भीड़
सोनवर्षाराज. भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच प्रखंड मुख्यालय एवं निबंधन कार्यालय आने-जाने वाले लोगों के लिए बेल का शरबत राहत का बड़ा सहारा बन गया है. एक ओर शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय दुकानदार एवं सामाजिक कार्यकर्ता बेल का शरबत उपलब्ध कराकर लोगों को गर्मी से राहत पहुंचा रहे हैं.प्रखंड मुख्यालय में विभिन्न कार्यों से आने वाले ग्रामीणों, बुजुर्गों एवं महिलाओं को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है. इसी प्रकार भूमि रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को भी तेज धूप और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में बेल का शरबत लोगों के लिए किसी औषधि से कम साबित नहीं हो रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेल का शरबत शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ लू से बचाने में भी मददगार होता है. शुद्ध पेयजल की कमी के कारण कई लोग पानी के बजाय बेल का शरबत पीना अधिक पसंद कर रहे हैं. प्रखंड परिसर के आसपास लगे शरबत स्टॉलों पर दिनभर लोगों की भीड़ देखी जा रही है. शरबत विक्रेताओं ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि होने के कारण बेल के शरबत की मांग काफी बढ़ गयी है. प्रतिदिन सैकड़ों लोग शरबत पीकर गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं.स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से प्रखंड मुख्यालय एवं निबंधन कार्यालय परिसर में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी के दौरान लोगों को राहत मिल सके.
