बाबा मटेश्वर धाम में उमड़ती है अटूट आस्था, सावन में गूंजता है हर-हर महादेव

सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड का बाबा मटेश्वर धाम शिवभक्तों की गहरी आस्था का केंद्र है. स्वयंभू शिवलिंग और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध, यह स्थल सावन और महाशिवरात्रि पर विशेष महत्व रखता है.

सहरसा : सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के काठो गांव स्थित बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर शिवभक्तों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है. वर्षों से यह मंदिर श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक बना हुआ है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना भगवान शिव पूरी करते हैं. यही कारण है कि आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को शांति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होता है. सुबह की आरती से लेकर शाम की पूजा तक यहां श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही बनी रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा मटेश्वरनाथ की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

स्वयंभू शिवलिंग की है मान्यता

मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राचीनता और लोकआस्था है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था. तभी से यहां पूजा-अर्चना का क्रम लगातार जारी है. सावन माह में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं. मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजता रहता है.

सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ती है भीड़

महाशिवरात्रि और सावन के दौरान बाबा मटेश्वर धाम का नजारा बेहद भव्य होता है. मुंगेर जिले के छर्रापट्टी से श्रद्धालु गंगाजल लेकर पूरे सावन माह जलाभिषेक के लिए यहां पहुंचते हैं. इस दौरान हजारों शिवभक्त मंदिर में दर्शन के लिए जुटते हैं.

महाशिवरात्रि पर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है. प्रतिदिन रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना होती है. मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जाता है.

धार्मिक पर्यटन का बन रहा प्रमुख केंद्र

स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा मटेश्वर धाम अब धार्मिक पर्यटन के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है. यहां आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ ग्रामीण संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण का भी अनुभव करते हैं. मंदिर परिसर में लगातार विकसित हो रही सुविधाओं के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है.

भक्तों का विश्वास है कि बाबा मटेश्वर धाम से कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता और सच्ची श्रद्धा से मांगी गई हर प्रार्थना भगवान शिव अवश्य स्वीकार करते हैं.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Vinay kumar mishra

Published by: Shruti Kumari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >