Saharsa News: श्रावण मास की पहली सोमवारी को लेकर सहरसा जिले के प्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम में सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. रविवार को ही कोसी और सीमांचल के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में शिवभक्त ‘बोलबम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच मुंगेर के छर्रापट्टी घाट के लिए रवाना हुए. गंगा स्नान और जल भरने के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा मटेश्वर धाम की ओर पैदल यात्रा शुरू कर दी. पूरे क्षेत्र में सावन की भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला.
सिमरी बख्तियारपुर, कोपड़िया, सोनवर्षा कचहरी और धमारा घाट रेलवे स्टेशनों पर दिनभर भारी भीड़ रही. ट्रेनों में क्षमता से अधिक श्रद्धालु सवार हुए और स्टेशन परिसरों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची. पहली सोमवारी को देखते हुए मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं.
छर्रापट्टी घाट से शुरू हुई कांवर यात्रा
रविवार दोपहर बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुंगेर के छर्रापट्टी घाट पहुंचे, जहां गंगा स्नान और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पवित्र गंगाजल भरकर बाबा मटेश्वर धाम की ओर पैदल यात्रा शुरू की गई.
केसरिया वस्त्रों में सजे कांवरियों के समूह, कंधों पर कांवर और ‘बोलबम’ के जयघोष से पूरा इलाका शिवमय हो उठा. श्रद्धालुओं का उत्साह देर रात तक बना रहा.
सिमरी बख्तियारपुर और कोपड़िया स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़
रविवार सुबह से ही सहरसा-मानसी रेलखंड के सोनवर्षा कचहरी, सिमरी बख्तियारपुर, कोपड़िया और धमारा घाट रेलवे स्टेशन श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे.
सुबह छह बजे से दोपहर तक डाकबमों की लगातार भीड़ उमड़ती रही. सबसे अधिक भीड़ सिमरी बख्तियारपुर और कोपड़िया स्टेशन पर देखने को मिली, जहां सुबह नौ बजे के बाद स्टेशन परिसर में चलना तक मुश्किल हो गया.
ट्रेनों में क्षमता से अधिक श्रद्धालु
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण अधिकांश ट्रेनों में क्षमता से कहीं अधिक यात्री सवार हुए. कई डिब्बों में खड़े होने तक की जगह नहीं बची, जबकि अनेक कांवरियों को दरवाजे के पास सफर करना पड़ा.
इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे पूरे रास्ते भजन-कीर्तन तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ अपनी यात्रा जारी रखते रहे. विशेष रूप से सुबह मानसी की ओर जाने वाली लगभग सभी ट्रेनें श्रद्धालुओं से पूरी तरह भरी रहीं.
रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
भीड़ के बावजूद रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर नहीं दिखी. कई स्थानों पर रेल पुलिस की उपस्थिति सीमित रही, जिससे प्लेटफार्म और प्रवेश द्वारों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई.
सहरसा से समस्तीपुर जाने वाली सवारी गाड़ी के प्लेटफार्म संख्या दो पर आने की सूचना मिलते ही कई श्रद्धालु फुटओवर ब्रिज की जगह सीधे रेल ट्रैक पार कर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाते दिखे. इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
स्टेशन चौक पर दिनभर लगा रहा जाम
सिमरी बख्तियारपुर शहर में पहली सोमवारी की तैयारियों के कारण रविवार को स्टेशन चौक पर लगातार भीड़ बनी रही. टेंपो, ई-रिक्शा, निजी वाहन और डाकबमों की भारी आवाजाही के कारण कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हुई.
इसका असर स्थानीय लोगों, यात्रियों और राहगीरों पर भी पड़ा. कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी विलंब का सामना करना पड़ा.
पूजा सामग्री की दुकानों पर बढ़ी रौनक
रविवार को स्टेशन पहुंचते ही कांवरिए स्थानीय बाजारों में यात्रा और पूजा से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी में जुट गए. टॉर्च, टी-शर्ट, गमछा, झोला, पूजा सामग्री, पानी की बोतल, अगरबत्ती और रुद्राक्ष माला की मांग सबसे अधिक रही.
दुकानदारों ने बताया कि पहली सोमवारी के कारण सुबह से ही बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई.
दुल्हन की तरह सजा बाबा मटेश्वर धाम
पहली सोमवारी को लेकर बाबा मटेश्वर धाम मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत झालरों, फूलों और विशेष प्रकाश व्यवस्था से सजाया गया है. पूरा मंदिर परिसर दुल्हन की तरह सुसज्जित दिखाई दे रहा है.
श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्था की गई है और बड़ी संख्या में लोग सजावट देखने के लिए भी पहुंच रहे हैं.
Saharsa News: CCTV और पुलिस की निगरानी में होगा जलार्पण
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और बाबा मटेश्वर धाम न्यास समिति ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. मंदिर परिसर, मुख्य प्रवेश द्वार, जलार्पण मार्ग और अन्य संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी.
इसके अलावा बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के लिए अलग-अलग टीमों की प्रतिनियुक्ति की गई है. संभावित भारी भीड़ को देखते हुए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं.
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग का उपयोग करने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है. विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भी पेयजल, प्राथमिक उपचार और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सेवा शिविर लगाए गए हैं.
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