Saharsa News: सावन की पहली सोमवारी से पहले सहरसा जिले का प्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम पूरी तरह शिवमय हो उठा है. मंदिर परिसर को उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर भव्य और आकर्षक ढंग से सजाया गया है. रंग-बिरंगे फूलों, विशेष विद्युत सजावट और मनमोहक प्रकाश व्यवस्था ने पूरे धाम को ऐसा रूप दे दिया है कि श्रद्धालु पहली नजर में ही आकर्षित हो रहे हैं. पहली सोमवारी पर हजारों कांवरियों और शिवभक्तों के जलाभिषेक की संभावना को देखते हुए प्रशासन और बाबा मटेश्वर धाम न्यास समिति ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पेयजल, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं.
श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन की पहली सोमवारी भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. यही कारण है कि रविवार शाम से ही आसपास के क्षेत्रों सहित कोसी और सीमांचल के विभिन्न जिलों से भक्त बाबा मटेश्वर धाम पहुंचने लगे हैं. मंदिर की सजावट देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग परिसर में जुट रहे हैं.
केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर हुआ विशेष श्रृंगार
बाबा मटेश्वर धाम की इस बार की सजावट को विशेष रूप से केदारनाथ मंदिर की शैली से प्रेरित बताया जा रहा है. मंदिर के मुख्य द्वार, गर्भगृह के आसपास के हिस्से और प्रवेश मार्ग को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है.
रात के समय प्रकाश व्यवस्था के कारण पूरा परिसर अत्यंत मनोहारी दिखाई देता है. श्रद्धालु सजावट को देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग फोटो और वीडियो भी बना रहे हैं.
पहली सोमवारी पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
श्रावण मास की पहली सोमवारी पर बाबा मटेश्वर धाम में हजारों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए पहुंचने की संभावना है. मंदिर न्यास समिति के अनुसार, रविवार देर रात से ही कांवरियों का आगमन तेज होने लगा है.
कोसी और सीमांचल क्षेत्र के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए पहुंच रहे हैं.
प्रशासन और न्यास समिति ने किए व्यापक इंतजाम
भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर न्यास समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है. मंदिर परिसर, मुख्य प्रवेश द्वार और जलार्पण मार्ग पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है.
भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल की व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है. दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है.
स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा लाभ
सावन के अवसर पर बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या का सकारात्मक असर स्थानीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है. पूजा सामग्री, फूल, बेलपत्र, प्रसाद, जल पात्र, कांवर और अन्य धार्मिक वस्तुओं की बिक्री में तेजी आई है.
दुकानदारों का कहना है कि पहली सोमवारी और पूरे श्रावण मास के दौरान कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलता है.
Saharsa News: श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें.
मंदिर न्यास समिति ने भी सभी शिवभक्तों से शांतिपूर्वक दर्शन और जलाभिषेक करने का आग्रह किया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूजा करने का अवसर मिल सके.
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