गोगरी : परबत्ता थाना क्षेत्र के कन्हैयाचक में बीते 25 फरवरी को रात्रि करीब आठ बजे दारोगा जियाउद्दीन खान पर चाकू से जानलेवा हमला और ईंट पत्थर से प्रहार कर और हाथापाई करने के बाद वारंटी रविन्द्र मिश्र और संजीव कुमार को परिजनों और ग्रामीणों को छुड़ा लेने की घटना को लेकर परबत्ता एक बार फिर चर्चा में आ गया है. जिला के विभिन्न थानाक्षेत्र में पुलिस पर हमला व मारपीट की यह पहली घटना नहीं है. इसके पूर्व भी यहां पुलिस पर कई बार हमले हुए हैं,
बावजूद पुलिस सबक नहीं ले रही है. बीते शनिवार को गिरफ्तार करने गई पुलिस यदि पूर्व की घटना को ध्यान में रखते और पुलिस पूरी संख्या के साथ अपनी तैयारी से जाती तो न तो एसआई व एएसआइ के साथ मारपीट होती और न ही उन्हें चाकू मारकर घायल करते हुए वारंटी को छुड़ा लिए होते. इस तरह की लापरवाही से बदमाशों को शह मिलता जा रहा है और अपने मंसूबों को कामयाब होते रहे हैं. इसके पूर्व वर्ष 2010-11 में भी एक अपराधी की गिरफ्तार में गई पुलिस के साथ शिशवा में हमला बोलकर लोग गिरफ्तार अपराधी को छुड़ा ले गए थे. ऐसी घटना वर्ष 2012-13 में भी घटी थी. इसके बावजूद भी पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं ले रही है. अब फिर से शनिवार को परबत्ता थाना क्षेत्र के कन्हैयाचक में उक्त घटना घटी. इससे फरारियों का मनोबल ऊंचा होता दिखता है.
