एमडीएम बंद, फिर भी 218 बच्चों को खिला दिया खाना

निरीक्षण . बीइओ ने प्रधानाध्यापक से पूछा स्पष्टीकरण लगातार शिकायत मिलने पर बीइओ ने कई विद्यालयों का निरीक्षण किया. इसके बाद कई अनियमितताओं की पोल खुली. एनपीएस जमुनिया विद्यालय में एमडीएम बंद रहने की बात कही गयी, लेकिन रिपोर्ट में प्रधानाध्यापिका ने 218 बच्चों को भोजन खिलाने की बात लिख दी. सोनवर्षाराज : विभिन्न विद्यालयों […]

निरीक्षण . बीइओ ने प्रधानाध्यापक से पूछा स्पष्टीकरण

लगातार शिकायत मिलने पर बीइओ ने कई विद्यालयों का निरीक्षण किया. इसके बाद कई अनियमितताओं की पोल खुली. एनपीएस जमुनिया विद्यालय में एमडीएम बंद रहने की बात कही गयी, लेकिन रिपोर्ट में प्रधानाध्यापिका ने 218 बच्चों को भोजन खिलाने की बात लिख दी.
सोनवर्षाराज : विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने मध्याह्न भोजन में बच्चों की उपस्थिति में हेराफेरी कर कई तरह की गड़बड़ियां की हैं. विद्यालय में एमडीएम बंद होने के बावजूद प्रधानाध्यापकों ने सैकड़ों बच्चों की उपस्थिति आइवीआरएस रिपोर्ट विभाग को भेजी. सिर्फ यही नहीं विभाग द्वारा एक कैलेंडर वर्ष में निर्धारित 16 दिनों की जगह प्रधानाध्यापक द्वारा 21 दिनों का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत कर दिया जाता है. इस तरह का मामला तब सामने आया जब स्थानीय बीइओ मिथलेश कुमार सिंह द्वारा महुआ संकुल स्थित विभिन्न विद्यालयों में भारी अनियमितता की शिकायत पर औचक निरीक्षण किया गया.
निरीक्षण के दौरान एनपीएस जमुनिया की प्रधानाध्यापिका प्रियंका सिन्हा द्वारा 21 फरवरी को मध्याह्न भोजन बंद होने के बावजूद आइवीआरएस रिपोर्ट में 218 बच्चों की उपस्थिति दिखायी गयी थी. साथ ही सहायक शिक्षक अशोक कुमार को जनवरी 16 से दिसंबर 2016 तक निर्धारित 16 दिनों की जगह 21 दिन आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति दी गयी थी. वहीं मध्य विद्यालय महुआ बाजार में निरीक्षण के दिन 22 फरवरी को कुल नामांकित 596 बच्चों की जगह 182 बच्चे मौजूद थे.
लेकिन विद्यालय प्रधानाध्यापिका द्वारा अपने आइवीआरएस रिपोर्ट में 206 बच्चों की उपस्थिती दर्शायी गयी थी. जबकि मध्य विद्यालय नवटोलिया टेहरा में विद्यालय प्रधानाध्यापक निरीक्षण तिथि को तथा सहायक शिक्षिका मधुमाला कुमारी 13 फरवरी से बिना सूचना के अनुपस्थित पायी गयी. विद्यालय में 556 नामांकित बच्चों के विरुद्ध एक भी बच्चे उपस्थित नहीं थे. मध्य विद्यालय पामा उर्दू के
प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों को एक बार भी परिभ्रमण नहीं करवाया गया. विभाग की बिना अनुमति के विद्यालय का पुराना भवन तोड़ डाला गया. एनपीएस चकला के प्रधानाध्यापक निरीक्षण तिथि को अपनी उपस्थिति दर्ज करा अनुपस्थित पाये गये. कुल 175 नामांकित बच्चो की जगह एक भी बच्चे विद्यालय में उपस्थित नहीं थे. जबकि विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा निरिक्षण तिथि 22 फरवरी को अपने आइवीआरएस रिपोर्ट में 105 बच्चों की उपस्थिति दिखायी गयी थी.
बीइओ ने उपयुक्त सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापक से उपयुक्त सभी अनियमितता पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए एनपीएस जमुनिया की प्रधानाध्यापिका को तीन
दिनों में विद्यालय का संपूर्ण प्रभार शिक्षक राकेश कुमार को हस्तगत कराने का निर्देश दिया है.
एनपीएस चकला विद्यालय में एक भी बच्चा नहीं था प्रधानाध्यापक ने 105 की दिखायी उपस्थिति

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