आइसीडीएस अधिकारी ने प्रधान लिपिक के साथ की गाली-गलौज, कहा
सहरसा : सोमवार को आइसीडीएस के प्रभारी अधिकारी अरविंद कुमार ने अपने ही विभाग के प्रधान लिपिक को गाली-गलौज करते जूते से पीटने तक की बात कही. प्रधान लिपिक गणेशी रजक के साथ प्रभारी आइसीडीएस अधिकारी अरविंद कुमार के द्वारा समाहरणालय के बरामदे पर अभद्र व्यवहार किये
जूते से पिटाई…
जाने को लेकर संघ द्वारा जोरदार विरोध किया गया. हालांकि विरोध के शुरू होने के बाद प्रभारी पदाधिकारी श्री कुमार तत्काल वहां से खिसक गये. इधर प्रभारी पदाधिकारी श्री कुमार द्वारा श्री रजक के साथ किये गये अभद्र व्यवहार की सूचना मिलते ही विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मी तत्काल वहां पहुंचे और पदाधिकारी के विरोध में जम कर नारेबाजी भी की. संगठन ने तत्काल निर्णय लेते हुए इस घटना की जानकारी डीएम तक पहुंचाने का निर्णय लिया.
इसके बाद श्री रजक व आइसीडीएस कर्मी डीएम से मिले. डीएम को दिये आवेदन में उन्होंने कहा कि प्रभारी पदाधिकारी का व्यवहार प्रभार लेने के बाद हमेशा काफी सख्त रहा है. कर्मियों पर रौब डालना, स्पष्टीकरण पूछना व धमकी देना ही उनका काम रहा है. उन्होंने कहा कि डीपीओ डॉ मुन्नी दास के पत्र को उनके अपने आपूर्ति कार्यालय में पहुंचा कर वापस समाहरणालय बरामदे पर पहुंचा तो अचानक बुला कर मुझ पर भड़क गये तथा जाति सूचक गाली देते हुए जूता से पिटाई तक की बात कही. इतना ही नहीं उन्होंने औकात में रहने व आगे के लिए तैयार रहने तक की धमकी दे डाली. कर्मियों ने डीएम विनोद सिंह गुंजियाल से विधि सम्मत कार्रवाई की मांग की है. इस घटना से आक्रोशित कर्मचारी संगठन में भी उबाल है. संगठन ने आगे की रणनीति पर निर्णय के लिए बैठक करने की बात कही. डीएम को आवेदन देने वालों में प्रफुल्ल कुमार, मो फारूख आलम सहित अन्य शामिल हैं.
डीपीओ मुन्नी दास ढाई महीने से छुट्टी पर हैं. उनका प्रभार डीएम द्वारा मुझे दिया गया है. सोमवार को लिपिक श्री रजक आइसीडीएस डीपीओ श्री दास के नाम से पत्र लेकर आये, जिसे मैंने लौटाते हुए सिर्फ इतना कहा कि डीपीओ प्रभार नहीं लिए हैं तो फिर ये पत्र कहां से आया. मैंने एक शब्द भी उसके साथ गाली-गलौज नहीं की. डीएम को भी श्री रजक ने आवेदन दिया. वहां भी मैंने गाली-गलौज से संबंधित पूरी बात का खंडन किया है.
अरविंद कुमार, प्रभारी आइसीडीएस पदाधिकारी
