सहरसा : मंडल कारा में कैदी अनशन पर जेल अधीक्षक पर कार्रवाई की मांग

कैदी अमरजीत यादव ने मंडल कारा अधीक्षक के माध्यम से डीएम को दिया आवेदन सहरसा : मंडल कारा में नजरबंदी के दौरान बीते रविवार को कैदियों व पुलिस के बीच भिड़ंत की घटना के बाद सोमवार से पूर्व सांसद आंनद मोहन के नेतृत्व में कारा में बंद तीन सौ से अघिक कैदी भूख हड़ताल पर […]

कैदी अमरजीत यादव ने मंडल कारा अधीक्षक के माध्यम से डीएम को दिया आवेदन

सहरसा : मंडल कारा में नजरबंदी के दौरान बीते रविवार को कैदियों व पुलिस के बीच भिड़ंत की घटना के बाद सोमवार से पूर्व सांसद आंनद मोहन के नेतृत्व में कारा में बंद तीन सौ से अघिक कैदी भूख हड़ताल पर चले गये. बीते रविवार को दोपहर के भोजन के बाद कैदियों की गिनती की जा रही थी. इसी दौरान एक बंदी द्वारा आनाकानी की गयी. इसके बाद बंदी व गिनती कर रहे सिपाही के बीच भिड़ंत हो गयी थी. सोमवार को न्यायालय उपस्थापन में आये कैदी अमरजीत यादव ने मंडल कारा अधीक्षक
सहरसा : मंडल कारा…
के माध्यम से जिलाधिकारी को आवेदन देकर अनावश्यक रूप से पगली घंटी बजा कर खुद को और अपने बड़े भाई संजीत यादव व पवन कुमार यादव की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया है.
जेल अधीक्षक पर लगाया आरोप : पीड़ित बंदी ने कहा है कि जेल अधीक्षक के पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जेल में बंदियों और प्रशासन के बीच गुटबंदी चरम पर है व आये दिन मारपीट, गाली-गलौज व पगली घंटी बजा कर कैदियों की पिटाई आम बात हो गयी है. बंदी ने कारा अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कारा अधीक्षक अपनी मर्जी से किसी को भी बुला कर अपमानित या पगली घंटी बजा कर पिटवाने का काम कर रहे हैं. इस कारण बंदियों ने गणतंत्र दिवस का बहिष्कार किया था. रविवार की घटना के संबंध में बंदी ने कहा कि रविवार का दिन सफाई का दिन था. जहां बंदी अपने कपड़ों,
वार्ड, अहाते आदि की साफ-सफाई आदि काम मे लगे थे. दोपहर के समय मंदिर प्रांगण की सफाई कर रहे विचाराधीन बंदी पारस सिंह की जब कुछ सिपाही द्वारा पिटाई की जा रही थी तो बीच-बचाव करने गये बीमार बंदी की पिटाई कर दी गयी. वह स्थाई रूप से मिरगी रोग से ग्रसित है. उसकी दांयी कनपटी पर गोली लगी है. उसका इलाज डीएमसीएच और पीएमसीएच में चल रहा है. उसे पगली घंटी बजा कर लाठी डंडे से बुरी तरह पीट कर बेहोशी की हालत में घसीटते हुए जेल अस्पताल में भरती कराया गया.
वार्ड से खींच कर की पिटाई : कैदी अमरजीत ने बताया कि उसका और पवन यादव का इस घटना में दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है. घटना के घंटों बाद कारा अधीक्षक के आदेश से दूसरे वार्ड से खींचकर सिपाही केशव राम, आशीष झा, शाह आलम, जितेंद्र देव, सुभाष यादव और बड़ा जमादार नौबत नारायण सिंह के द्वारा बुरी तरह पीट कर घायल कर दिया गया. इसमें पवन यादव के हाथ की हड्डी टूट गयी है. वहीं एक महीने पूर्व भी इसी प्रकार जेल में पगली घंटी बजा कर दोषियों को छोड़ कर निर्दोष बंदियों को चुन-चुन कर पीटा गया जो जेल की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. पीड़ित बंदी ने एक महीने में दो बार पगली घंटी बजा कर निर्दोषों की पिटाई करने वाले कारा अधीक्षक, बड़ा जमादार व संबधित सिपाहियों पर कारवाई करने की मांग डीएम से की है.
अनशन होने की कोई जानकारी नहीं है. जो राशन लगना चाहिए, वो राशन आज भी दिया गया है. अगर भूख हड़ताल होती, तो फिर राशन लेने की बात नहीं होती.
संजीव कुमार, जेल अधीक्षक, सहरसा

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