जिले में आयोजित मानव शृंखला में सुरक्षा व्यवस्था बेअसर रही.
सहरसा : मद्य निषेध को लेकर सरकार के निर्देश पर जिले में आयोजित मानव श्रृंखला में सुरक्षा व्यवस्था बेअसर रही. एक और जहां वरीय अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सजग रहे. वहीं जवान व अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते नजर आये. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक सुरक्षा व यातायात व्यवस्था पूरी तरह लूंज-पूंज रही. हालांकि वरीय अधिकारियों के आगमन की जानकारी मिलने पर सबकुछ व्यवस्थित नजर आने लगता था.
अधिकारियों के जाते ही अधिकारी व जवान आराम फरमाने लगते थे.
नहीं लगा वाहनों पर लगाम : सरकार के निर्देश का पूरी तरह पालन नहीं हुआ. सख्त निर्देश के बावजूद सड़क पर वाहन फर्राटा भरते रहे. स्टेडियम के बाद सुरक्षा की कोई खास व्यवस्था नजर नहीं आयी. भगवान भरोसे बच्चों व उसके अभिभावकों ने मानव श्रृंखला में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी.
यातायात व्यवस्था इतनी लचर थी कि लाइन तोड़ कर बाइक चालक व अन्य वाहन गुजरते रहे. बरियाही ब्रह्म स्थान के पास छात्रों द्वारा बाइक सवार को लाइन नहीं तोड़ कर जाने की बात कहने पर बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है. स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों को शांत कराया. इसी दौरान उधर से गुजर रहे वरीय उपसमाहर्ता किरण सिंह से शिक्षकों ने शिकायत की तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दूरभाष से सूचना दी.
जानकारी के अनुसार प्रशासन ने मानव श्रृंखला को लेकर सुबह दस बजे से अपराह्न तीन बजे तक प्रशासन, आपातकालीन वाहन, मीडिया के वाहनों को छोड़ अन्य वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की बात कही थी. सुरक्षा व्यवस्था में कमी का शहर से लेकर गांव तक लफंगों ने भरपूर फायदा उठाया. लोगों ने दबी जुबान से प्रशासन को कोसते कहा कि कम से कम जिस रूट में लड़की लाइन में थी. वहां सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था होनी चाहिए था. लोगों ने बताया कि युवकों के छींटाकशी से काफी परेशानी हुई.
एसपी लगाते रहे गश्त : सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी अश्विनी कुमार बाइक से जिले के सीमा से गश्त लगाते रहे. पुलिस अधिकारी व जवान लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेने की बात बात कह रहे थे.
