सहरसा : दिवाली का सिर्फ धार्मिक या आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है. बरसात के ठीक बाद घर सहित आसपास की दशा बिगड़ जाती है. दीपावली के बहाने घर का कोना-कोना साफ हो जाता है. आसपास उग आये जंगलों की सफाई की जाती है. रंग-रोगन से घरों में नई जान व नया आकर्षण आ जाती है. साल भर से जमा हो चुके बेकार व रद्दी सामान की बिक्री से भी लोगों को आंशिक ही सही धन की प्राप्ति होती है. बरसात के बाद पैदा हुए कीड़े-मकौड़े भी दीपावली में जलने वाले दीप में जल कर मर जाते हैं. जिससे वातावरण से हानिकारक जीव की समाप्ति हो जाती है.
त्योहार का है वैज्ञानिक महत्व
सहरसा : दिवाली का सिर्फ धार्मिक या आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है. बरसात के ठीक बाद घर सहित आसपास की दशा बिगड़ जाती है. दीपावली के बहाने घर का कोना-कोना साफ हो जाता है. आसपास उग आये जंगलों की सफाई की जाती है. रंग-रोगन से घरों में नई जान व नया आकर्षण […]
