शहर में जगह-जगह लगा कचरे का अंबार, रहमान चौक इलाके में सड़क पर जलजमाव.
शहर की समस्याओं को दूर करने के लिए नप लगातार आश्वासन देता रहा है, लेकिन इसमें अधिकतर सिर्फ हवा हवाई बन कर रह जाती है. शहरवासियों की परेशानी दूर नहीं हो पा रही है.
सहरसा : नप प्रशासन हर समस्या का जल्द से जल्द निदान करने व नये-नये प्रावधानों को जल्द ही शुरू करने की मात्र घोषणा ही करती है. इसमें से अधिकांश सिर्फ हवा हवाई बन कर रह जाती है. घोषणा पर अमल नहीं हो पाता है. कभी गंदगी के अंबार को तीन दिनों के अंदर हटा देने की घोषणा होती है तो कभी जलजमाव की समस्या का निदान करने की बड़ी-बड़ी बातें की जाती है. कभी अतिक्रमण से शहर को मुक्त कर देने में भी नप प्रशासन आश्वासन देने से पीछे नहीं रहता, लेकिन आज तक न तो इन समस्या का निदान हो पाया है और न ही नप के आश्वासन व झूठी घोषणाएं ही पूरी हो पाती है.
तीन सप्ताह से जलजमाव
मुख्यालय तीन सप्ताह से जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है. लोगों का घरों से निकलना मुश्किल है. इसके बावजूद नगर परिषद के सभापति राजू महतो किसी भी इलाके में मौजूद रहने के बजाय नदारद है. स्थानीय जनता को उनका दर्शन दुर्लभ हो गया है.
नहीं हटे बैनर-पोस्टर
शहर में कॉलेज, स्कूल, सरकारी संस्थान सहित हर सार्वजनिक स्थल व खंभे पर विभिन्न प्रकार की बैनर पोस्टर व फ्लैक्स टांग रखा है. नप प्रशासन विगत दिनों शहर में लगाये गये किसी भी प्रकार के ऐसे बैनर पोस्टर या फ्लैक्स को सात दिनों के अंदर हटाने की बात कही थी, जिसे लगाने के लिए नप प्रशासन का आदेश नहीं लिया गया हो, लेकिन हर बार की तरह नप की यह बात भी अब तक झूठा ही साबित हुई है. आज तक एक भी बैनर पोस्टर को हटाने की पहल तक नप प्रशासन ने नहीं की है. बैनर पोस्टर एवं बड़ा फ्लैक्स लगाने में नप के कुछ लोगों को अच्छी खासी कमाई हो जाती है. वहीं, बिना नप के आदेश के बैनर पोस्टर लगाने वालों को भी आर्थिक बचत हो जाती है. सूत्रों की मानें तो जिला मुख्यालय में अधिकांश बड़ी-बड़ी कंपनी भी नप प्रशासन के आदेश के बिना ही फ्लैक्स लगा रखी है. वहीं, स्थानीय व्यवसायी के द्वारा तो चप्पे-चप्पे पर बैनर पोस्टर एवं बोर्ड लगा दिया गया है. इससे नप प्रशासन के कुछ लोगों की जेब भले ही गरम हो जाती हो, लेकिन प्रशासन को हजारों का घाटा हो रहा है.
नहीं हटी गंदगी
शहर में गंदगी का अंबार है. इसको हटाने के पीछे सालाना करोड़ रुपये खर्च भी किये जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी शहर में गंदगी जस की तस है. जब भी लोग गंदगी की समस्या को लेकर नप प्रशासन के पास जाते हैं तो नप प्रशासन तुरंत इस गंदगी को हटाने का आश्वासन देता है. यह मामला वर्षो से चल रहा है, लेकिन आज तक गंदगी को हटाने में नप को सफलता नहीं मिल सकी है. शहर के प्राय: हर चौक चौराहा, कॉलोनी व मोहल्ला में गंदगी का ढेर लगा दिख जायेगा.
नाले की उड़ाही नहीं
शहर में जलजमाव की समस्या भयंकर है. चार दिनों की बारिश में ही शहर में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. शहर के कई कॉलोनी में आवाजाही के लिए लोगों को नाव खरीदना पड़ा है. दरअसल, नप प्रशासन शहर के नाला की सफाई का भी सिर्फ आश्वासन ही देती रहती है. आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. इस कारण हल्की सी बारिश होने पर भी जलजमाव की भयंकर समस्या उत्पन्न हो जाती है. इससे आवागमन भी बाधित हो जाता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
नप प्रशासन अपने स्तर से हर संभव कोशिश करती है कि समस्या का निदान किया जाये. जल्द ही शहर में लगे अवैध बैनर पोस्टर को हटा दिया जायेगा. वहीं, साफ-सफाई का काम भी लगातार किया जा रहा है.
दिनेश राम, कार्यपालक पदाधिकारी, नप सहरसा
