बस से गिरा खलासी, मौत

बाइपास रोड में बस का रॉड टूटने से खलासी गिर गया. बस की चपेट में आने से उसकी मौत हो गयी. सहरसा सिटी : सदर थाना क्षेत्र के नया बाजार बायपास रोड में बुधवार को बस से गिरने से बस के खलासी की मौत हो गयी. मिली जानकारी के अनुसार खलासी गेट पर रड पकड़ […]

बाइपास रोड में बस का रॉड टूटने से खलासी गिर गया. बस की चपेट में आने से उसकी मौत हो गयी.

सहरसा सिटी : सदर थाना क्षेत्र के नया बाजार बायपास रोड में बुधवार को बस से गिरने से बस के खलासी की मौत हो गयी. मिली जानकारी के अनुसार खलासी गेट पर रड पकड़ कर खड़ा था. अचानक रड टूटने से वह सड़क पर गिर गया. जब तक बस में सवार यात्री हल्ला करते, चालक बस की गति को और तेज कर भागने लगा.
जिसमें उसका कपड़ा फंस गया और वह बस के पिछले टायर के सामने आ गया. जिसकी चपेट में आने से वह बुरी तरह जख्मी हो गया. जिसे स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल में भरती कराया. जहां दो घंटे के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. खलासी की पहचान बिहरा निवासी रामचंद्र पासवान के पुत्र सूरज कुमार के रूप में हुई है. सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, सअनि देवकुमार गिरी घटनास्थल व सदर अस्पताल पहुंच मामले की जानकारी ली.
स्थानीय लोगों ने बताया कि कहरा कुटी की तरफ से तेज रफ्तार से नंद ट्रेवल्स नाम का बस सहरसा की ओर जा रही थी. घटना के बाद चालक बस लेकर तेजी से भागते हुए थाना घुस गया. इस दौरान चालक ने एक कार में भी टक्कर मारी. एक महिला यदि सूझबूझ का परिचय नहीं देती तो शायद दूसरी घटना भी घट सकती थी. चालक बस को सवार सहित सदर थाना परिसर में लगा कर फरार हो गया. जब तक कोई कुछ समझ पाता, चालक फरार होने में कामयाब रहा. लोगों ने कहा कि शायद चालक को यह अंदेशा था कि यदि वह बस को कहीं बाहर छोड़ेगा तो आक्रोशित लोग उसमें तोड़फोड़ कर सकते हैं. जिस कारण वह बस को थाना में खड़ी कर भाग गया. इसके बाद बस में सवार सभी यात्री भी उतर कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गये.
मोटर अधिनियम बना है मजाक
घटना के बाद लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते कहा कि बस चालकों द्वारा मोटर अधिनियम की खुलेआम धज्जी उड़ायी जाती है. बस में स्टाफ के लिए सीट लिखा रहता है. लेकिन पैसे के लालच में उस पर भी सवारी को बिठाया जाता है. इस कारण खलासी व कंडक्टर गेट पर ही लटक कर सवारी को चढ़ाने व उतारने का काम करते हैं. वहीं प्रशासन द्वारा नया बाजार से कहरा कुटी को मिलने वाली सड़क को बाइपास तो घोषित कर दिया,
लेकिन एक बस के आने के बाद बाइक को भी ले जाना मुश्किल हो जाता है. वहीं वाहन की रफ्तार देख हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. लोगों ने कहा कि घटनास्थल के इर्द-गिर्द हमेशा कुछ ना कुछ अनहोनी होती ही रहती है. इससे पूर्व भी तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक की मौत हो चुकी है.

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