सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अस्पताल का हाल
कुछ दिन पूर्व भी लिफ्ट पैसेज में जलायी जा रही थी दवा
सिमरी नगर : एक तरफ अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों को दवा नहीं दी जाती है और दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग दवाओं के एक्सपायर होने के बाद ठिकाना लगाते रहते हैं. उन्हें चोरी-छिपे जला कर नष्ट करने का प्रयास किया जाता है. रविवार को नगर पंचायत अंतर्गत चौधरी टोला में ले जाए जा रहे एक ठेला एक्सपायरी दवाओं को ग्रामीणों ने रोक दिया
और हंगामा किया. जिसके बाद बख्तियारपुर थाना के एसआइ अनिल कुमार ने सदल-बल पहुंच कर मामला शांत कराया और दवाई से भरे ठेला को जब्त किया. रविवार दोपहर नप अंतर्गत चौधरी टोला के ग्रामीणों ने एक ठेला पर पांच बोरा लदे दवाइयों को ले जाते देखा तो उन्होंने ठेला रोक ठेला वाले से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान ही ठेला वाला भाग खड़ा हुआ. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि हमलोग जब सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल में इलाज कराने जाते हैं तो दवा नहीं होने की बात कह बाहर से दवा लाने को कहा जाता है पर आज एक ठेला एक्सपायरी दवा को मजदूरों द्वारा सुनसान जगह पर ठिकाने लगाने के लिए ले जाना यह साबित करता है कि अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था कैसी है.
हेल्थ मैनेजर ने पल्ला झाड़ा: जानकारी मुताबिक पिछले कई महीनों से अस्पताल मे एक्सपायरी दवाओ को ठिकाने का खेल जारी है. ज्ञात हो कि पिछले दिनों एक्सपायरी दवाओ को जलाने के दौरान अस्पताल मे भी आग लगते-लगते बची थी. वही रविवार को एक्सपायरी दवाओ को रोकने वाले ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व भी एक ठेला दवा
ठिकाने लगाने के लिए गया था. रविवार को ग्रामीणों द्वारा पकड़े गये एक्सपायरी दवा के सम्बन्ध मे जब हेल्थ मैनेजर विजय कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मै अभी घर पर हूं, मुझे इसके बारे मे कोई जानकारी नही. वहीं डीएसपी अजय नारायण यादव ने बताया कि जब्त की गई दवाइयों की जांच-पड़ताल की जायेगी और इसकी सूची सम्बन्धित विभाग को भेजी जायेगी.
