एम्स के लिए पर्याप्त भूमि है, प्रशासन बढ़ाये कदम

कोसी प्रमंडल सहित संपूर्ण उत्तर बिहार के लिए साबित होगा वरदान. सहरसा मुख्यालय : साल 2015-16 के केंद्रीय आम बजट में बिहार में पटना के बाद दूसरे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की घोषणा हुई थी. उसके बाद से ही इस बड़े अस्पताल का सहरसा में निर्माण कराने की मांग उठने लगी. स्थानीय […]

कोसी प्रमंडल सहित संपूर्ण उत्तर बिहार के लिए साबित होगा वरदान.
सहरसा मुख्यालय : साल 2015-16 के केंद्रीय आम बजट में बिहार में पटना के बाद दूसरे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की घोषणा हुई थी. उसके बाद से ही इस बड़े अस्पताल का सहरसा में निर्माण कराने की मांग उठने लगी.
स्थानीय लोगों ने एम्स निर्माण संघर्ष समिति का गठन कर लंबे समय तक आंदोलन किया. जिले भर में घूम-घूम कर बैठकें की, धरना दिया, प्रदर्शन किया, शासन से लेकर प्रशासन तक को आवेदन और ज्ञापन सौंपा. अब जब बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के कुल 27 जिलों को 200 एकड़ जमीन की उपलब्धता से संबंधित रिपोर्ट भेजने को कहा है, तो यहां उम्मीदें एक बार फिर से जग गई है.
पर्याप्त भूमि है एम्स के लिए : सरकार की चिट्ठी मिलने के दो माह बाद भी जिला प्रशासन द्वारा दो सौ एकड़ जमीन नहीं जुटा पाने से लोगों के मन में क्षोभ और आक्रोश है. हालांकि सरकार की चिट्ठी में रिपोर्ट भेजने की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं होने से उम्मीदें अब भी बरकरार है.
डीसीएलआर ने अब तक मात्र एक सौ एकड़ भूमि की उपलब्धता की बात बतायी है. शेष एक सौ एकड़ जमीन की उपलब्धता में हो रही देरी पर स्थानीय सहित लंबे समय तक संघर्ष करने वालों का अधीर होना स्वाभाविक है. हालांकि जिला प्रशासन जिले में एम्स निर्माण के लिए गंभीर हो तो, दो सौ एकड़ भूमि की उपलब्धता बड़ी बात नहीं होगी. क्योंकि जिले में खाली सरकारी व रैयती भूमि की कोई कमी नहीं है. एम्स जैसे विशाल योजना के लिए मत्स्यगंधा जलाशय के इर्द-गिर्द, अगवानपुर, बरियाही, बैजनाथपुर, सत्तरकटैया, सौरबाजार सहित अन्य इलाकों में पर्याप्त भूमि है.
पहली लड़ाई की जीत, बधाई : बिहार में दूसरे एम्स निर्माण के लिए संभावित 27 जिलों में सहरसा को भी शामिल किये जाने पर युवा एकता के रौशन कुंवर ने सभी आंदोलनकारियों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि हमने संघर्ष की पहली लड़ाई जीत ली है.
अब इसे अंजाम तक पहुंचाने की जरूरत है. श्री कुंवर ने आंदोलन में पल-पल साथ देने वाले दीप नारायण ठाकुर, विनोद झा, किसलय कृष्ण, सुमन समाज, रूपेश झा, विजय वसंत, सुजीत सान्याल का आभार जताते उन्हें कोटिश: बधाई दी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >