उबल रहा लोगों का आक्रोश, कर सकते हैं आंदोलन
सहरसा सिटी : एक तरफ आसमान से टपक रहें आग के गोले से लोग परेशान है ही , रही सही कसर विद्युत विभाग के उदासीन रवैया पुरा कर रखा है. लो-वोल्टेज से लोग परेशान है. भीषण गरमी में एसी का उपयोग ते दूर की बात है, पंखे भी वोल्टेज के समस्या के कारण सिर्फ डोलता रहता है तो बल्ब लालटेन युग का याद दिलाते टिमटिमाता रहता है. जिससे लोगो को रतजगा मजबूरी हो गयी है. लेकिन सब कुछ जान कर भी विभाग इससे अनभिज्ञ है. लोग अपनी शिकायत नियंत्रण कक्ष से लेकर अधिकारियों तक के पास अपना शिकायत दर्ज करवा रहें है. लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात है.
गहराया पेयजल संकट : लो वोल्टेज के कारण शहर में लो-वोल्टेज के कारण लोगों के समक्ष पेयजल संकट भी गहराने लगा है. वोल्टेज सही नही मिलने के कारण लोगों के घर में लगे मोटर से पानी टंकी तक नहीं पहुंच पाता है. जिससे लोगो को काफी परेशानी हो रही है. शहर के वार्ड नंबर 23,24,25, 06 सहित अन्य मुहल्ला में लो-वोल्टेज के कारण लोग मोटर नहीं चलने के कारण चापाकल पर आश्रित हो गये है. लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते कहा कि वार्ड नंबर 23 स्थित शिक्षक कॉलोनी में बांस के कारण हमेशा लो- वोल्टेज की समस्या बनी रहती है. स्थानीय शिवकुमार झा, प्रो सुभाष झा, अशोक झा, अरुण झा, प्रो रंधीर सिंह, बिंदेश्वरी यादव ने आक्रोश व्रूक्त करते कहा कि विभागीय अधिकारी के पास गुहार लगाते -लगाते थक गये है. अधिकारी बोलने पर सिर्फ जल्द ही कवर्ड वायर लगाने व अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन देते है. यह बात बीते एक साल से कहा जा रहा है.
खूब हो रही है बिजली कटौती : विभागीय आंकड़े पर गौर करें तो जिलें के विभिन्न फीडरों में लगभग 24 घंटें की आपूर्ति का दावा कर रहे है. लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. दिन से लेकर रात तक में कईघंटे तक विद्युत आपूर्ति गायब रहती है. गरमी शुरू होते ही लाइन में भी कटौती शुरू हो गयी है. लोग बिजली के अभाव में इधर -उधर टहलने को मजबूर रहते हैं. स्थानीय लोग बताते है कि रोजाना चार से पांच घंटे की बिजली कटौती की जा रही है.
