सहरसा : घटना के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गयी है. कोई इसका कारण राजनीतिक विद्वेष, तो कोई बड़बोलापन बता रहा है. लोगों ने कहा कि मृतक श्याम सुंदर दास तांती हमेशा सच्चाई का साथ देते थे, जो कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा था. वहीं कुछ लोग घटना के पीछे किसी अपने के होने की बात कह रहे हैं. लोगों ने कहा कि रात में वह बिना आवाज पहचाने गेट तक नहीं खोलते थे. जब तक कोई अपना नहीं होगा, वे बाहर नहीं निकल सकते थे.
हो न हो घटना में किसी अपने का ही हाथ है. लोगों ने कहा कि उन्हें मेला में भी देखा गया था. मेला से घूम कर वापस आने पर पत्नी खाना खिला उन्हें आराम करने की बात कह पुत्री के साथ मेला देखने चली गयी थी. आखिर किस वजह से वह गेट बंद कर बाहर गये, यह पता नहीं चल रहा है. लोगों ने कहा कि समाज में उनकी अलग पहचान थी. घटना के बाद मुहल्ला में सन्नाटा पसर गया है. शव को देख पत्नी व परिजन चीत्कार कर रहे हैं. परिजनों ने इस दौरान वहां मौजूद एक महिला पर हत्या करवाने का आरोप लगा उसे साथ गाली-गलौज शुरू कर दी. लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ.
