कोल्ड ड्रिंक्स, लस्सी, गन्ने का रस व तरबूज भी पीछे नहीं
सहरसा नगर : मार्च महीने में ही पारा में एकाएक उछाल आने व मौसम में बढती तपिश के कारण कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम की याद लोगों को पार्लर की ओर खींच रही है. शहर के सभी शीतल पेय और आइसक्रीम की दुकानों पर बच्चे, युवा सहित बुजुर्गों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है.
शाम के वक्त मौसम में थोड़ी नमी आते ही इन पार्लरों पर लोगों की चहलकदमी तेज हो जाती है. चार महीने के लंबे अंतराल के बाद कोल्डड्रिंक्स व आईसक्रीम पार्लर मालिकों के चेहरे पर कारोबार में हो रही बढ़ोतरी की रौनक लौट आयी है. डीबी रोड स्थित आलोक पनीर व सुधा आइस्क्रीम पार्लर के संचालकों ने बताया कि सुबह और शाम के अलावे अब दिन में भी दुकान खोलने का फायदा मिल रहा है. चॉकलेट, स्ट्राबेरी, वनिला, पिस्ता, मैंगो, एपल व बनाना फ्लेवर में उपलब्ध आइसक्रीमों की जबरदस्त मांग है.
भूख, प्यास व गरमी भगाती है लस्सी : गरमी का मौसम और मलाईदार लस्सी का लुत्फ उठाया न जाये, ऐसा हो नहीं सकता. गरमी के दस्तक देते ही चौराहों पर अस्थायी रूप से ही सही, लस्सी की दर्जनों दुकानें खुल गयी हैं. बाजार में दही से बनी लस्सी की धूम मची है और इसे पीकर लोग एक साथ भूख, प्यास व गरमी दूर भगाने में लगे हैं.
रांची से मंगवा रहे बेल
बेल शरबत विक्रेता पंकज बताते हैं कि अभी स्थानीय स्तर पर बेल नहीं मिल रही है. शरबत के लिए रांची से मंगवाया जा रहा है. जहां प्रति क्विंटल 26 सौ रुपये खरीद होती है. जिसे बस से सहरसा तक लाने में लगभग आठ सौ रुपया किराया खर्च होता है. उन्होंने बताया कि होली के बाद बेल की कीमत में गिरावट आयेगी. बेल शरबत दस रुपये प्रति ग्लास से घट कर पांच रुपये प्रति ग्लास पर आ जायेगी.
ताजगी, स्फूर्ति व ठंडक देता है बेल
गरमी में हर चौक-चौराहे पर गन्ना का रस निकालते दुकानदार व पीकर शीतलता का अनुभव करते लोग नजर आ जाते हैं. दस रुपये प्रति गिलास मिलने के कारण लोगों में इसकी काफी डिमांड है. जगह-जगह बेल के शरबत भी बिकने लगे हैं. एसबीआइ मेन ब्रांच के समीप रेहड़ी लगाया पंकज कुमार बताता है कि गरमी की आहट होते ही बेल का शरबत लोगों के बीच लोकप्रिय हो जाता है. यह शरीर को ताजगी, स्फूर्ति के अलावा भरपूर विटामिन व खनिज प्रदान करता है.
