यह सड़क कहीं नहीं जाती

बीआरजीएफ के पांच लाख रुपये की योजना से मुखिया ने बीच खेत में 200 फीट की सड़क बना दी थी. तटबंध के अंदर योजनाओं के दुरूपयोग का मामला अब सामने आ रहा है. गंडौल(महिषी) : कोसी तटबंध के अंदर का हाल शुरू से ही बेहाल रहा है. शिक्षक व स्वास्थ कर्मी के बाद जनप्रतिनिधि भी […]

बीआरजीएफ के पांच लाख रुपये की योजना से मुखिया ने बीच खेत में 200 फीट की सड़क बना दी थी. तटबंध के अंदर योजनाओं के दुरूपयोग का मामला अब सामने आ रहा है.

गंडौल(महिषी) : कोसी तटबंध के अंदर का हाल शुरू से ही बेहाल रहा है. शिक्षक व स्वास्थ कर्मी के बाद जनप्रतिनिधि भी किसी मौके का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं. सब सरकारी राशि के बंदरबांट में लगे हुए हैं. तभी तो बगैर किसी उपयोग के पंचायत की मुखिया ने बीच खेत में 200 फीट की दूरी में एक पक्की सड़क का निर्माण करा दिया है. जिसका कहीं से कोई उपयोग नहीं दिखता है. न ही इस लाखों रुपये की सड़क से एक भी व्यक्ति को दूर-दूर तक फायदा नजर आ रहा है.
ग्रामीण बताते हैं कि यह सड़क न तो आगे कहीं जाती है और न ही पीछे. वे कहते हैं कि यदि इसी राशि से 400 फीट आगे नाले पर पुलिया का निर्माण करा दिया जाता तो उस पार के खेतों की देखभाल करने में मदद मिलती. यह सड़क सिर्फ गांव के लोगों को शौच करने के लिए उपयोग हो रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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