दर्द से कराहती रही गर्भवती

सहरसा : हड़ताल का दूसरा दिन, मानवता हुई शर्मसार सहरसा सिटी : आइएमए द्वारा आहुत अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन सदर अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही. दर्जनों स्वास्थ्य कर्मी उसके बगल से गुजर रहे थे. लेकिन किसी में मानवता देखने को नहीं मिली. इमरजेंसी वार्ड से ओपीडी की तरफ जानेवाले […]

सहरसा : हड़ताल का दूसरा दिन, मानवता हुई शर्मसार
सहरसा सिटी : आइएमए द्वारा आहुत अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन सदर अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही. दर्जनों स्वास्थ्य कर्मी उसके बगल से गुजर रहे थे.
लेकिन किसी में मानवता देखने को नहीं मिली. इमरजेंसी वार्ड से ओपीडी की तरफ जानेवाले रास्ते के बगल में जमीन पर कराह रही उस महिला की दशा देख मनुष्य क्या पशु भी पसीज जाता. लेकिन धरती का भगवान कहे जानेवाले डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा.
परिजनों को कुछ नहीं समझ आ रहा था : अपनी सुरक्षा को लेकर पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को ठप करा प्रशासन पर तो दबाव बना दिया, लेकिन आम जनमानस के दिल में जगह नहीं बना पाये. दर्द से कराह रही महिला की स्थिति देख गुजर रहे शेष पेज 15 पर आमलोग एक बार जरूर कोसते नजर आये. महिला के बगल में बैठे परिजन किंकर्तव्यमूढ़ की स्थिति में थे. महिला की हालत व डॉक्टरों की हड़ताल देख उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वे करें तो क्या करें.
निजी क्लिनिक से सदर अस्पताल जाने काे कहा
परिजनों ने बताया की निजी क्लिनिक से इलाज चल रहा था. अचानक दर्द होने पर क्लिनिक ले गये. वहां डॉक्टर के हड़ताल पर रहने की बात कह सदर अस्पताल जाने को कहा.
यहां आने पर भी कोई डॉक्टर नहीं था. कर्मी ने कुछ देर के बाद डॉक्टर की आने की बात कही. लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई देखने तक नहीं आया. परिजनों ने बताया कि उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है. पूछने पर नर्स अनिता कुमारी ने बताया कि सोमवार से मंगलवार सुबह तक 22 मरीज भरती हो चुके हैं. इनमें से तीन का ऑपरेशन किया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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