सहरसा नगर : शहर में रोजाना लगने वाले सड़क जाम से आजाद होने की इच्छा व समस्या के समाधान की छटपटाहट स्थानीय लोगों के चेहरे पर स्पष्ट दिखती है. दूसरी तरफ समस्या का समाधान करने के बजाय जनप्रतिनिधियों के पास समय का अभाव दिख रहा है.
जबकि रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से यह कह दिया है कि राज्य सरकार के राज्यांश मिलने के बाद ही बंगाली बाजार में ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू हो सकेगा. हालांकि प्रभात अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन इस बात का परिचायक है कि आम जनता स्वयं आंदोलन का नेतृत्व भी करना चाहती है. सांसद व विधायक से लोगों को उम्मीद है. पाठकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि दलगत भावना से ऊपर उठ कर ओवरब्रिज के लिए एक मंच पर आये.
जाम से होती है परेशानी : राजेश कुमार कहते है कि ओवरब्रिज नहीं बनने से परेशानी बढ़ रही है, बंगाली बाजार में निर्माण शीघ्र शुरू करना होगा. राहुल कहते हैं कि बंगाली बाजार ओवरब्रिज आत्मसम्मान की बात बन गयी है. आमजनों को सड़क पर निकल फिर से लड़ाई लड़नी होगी.
अनवर कहते हैं कि ओवरब्रिज का कोई विकल्प नही है, शहर को महाजाम से मुक्ति दिलाने के लिये शीघ्र निर्माण शुरू हो. रमेश कहते हैं कि ओवरब्रिज महाजाम से मुक्ति की चाभी है, जनप्रतिनिधियों को पहल करनी होगी. रोहित कहते हैं कि ओवरब्रिज के बिना सड़क जाम से मुक्ति नहीं मिलेगी, हमलोग जनप्रतिनिधियों से दुखी हैं.
