सहरसा : नगरबंगाली बाजार में प्रस्तावित व शिलान्यास किये गये ओवरब्रिज निर्माण की मांग पूरी करने की बजाय राज्य सरकार के प्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ओवरब्रिज की जरूरत तो बतायी जा रही है, लेकिन निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी जा रही है.
प्रभात खबर द्वारा की जा रही रायशुमारी में पाठकों ने बताया कि जिसमें ब्रिज निर्माण में बाधक बनने वाले जनप्रतिनिधि उनके दल के लोग भी बहिष्कार कर दबाव बनाये. पाठकों ने बताया कि बंगाली बाजार में आरओबी निर्माण में बाधक बनने वाले जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक किया जाना होगा. लोगों का मानना है कि व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए कुछ लोग लगातार बंगाली बाजार ओवरब्रिज निर्माण में अड़ंगा पहुंचा रहे हैं.
सड़क जाम से होती है परेशानी
सहरसा के शिवम यादव ने कहा कि बंगाली बाजार ओवरब्रिज निर्माण में बाधक बनने वाले जनप्रतिनिधि को शर्म आनी चाहिए. निजी स्वार्थ में पुल निर्माण में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है. उन्हें राज्य सरकार पर दबाव बनाना चाहिए. भारतीय नगर के राजा कहते हैं कि सड़क जाम की वजह से कोचिंग जाने वाले छात्रों को घंटों समय बरबाद करना पड़ता है. विधायक व सांसद को मुख्यमंत्री से मिलना चाहिए.
गांधी पथ के रामनारायण कहते हैं कि स्थानीय जनता को लंबे समय के लिए बंगाली बाजार को बंद करना होगा. स्वार्थी जनप्रतिनिधियों की वजह से पुल का निर्माण नहीं हो रहा है. शंकर झा कहते है कि बंगाली बाजार ओवरब्रिज निर्माण में बाधक बनने वाले व्यक्ति विशेष का बहिष्कार हो. जनता परेशान हो चुकी है.
मीनू कहती है कि बंगाली बाजार में ओवरब्रिज की मांग दशकों से हो रही है, आंदोलन ही अंतिम रास्ता है. बनमा के संजीव कहते है कि केंद्र करे या राज्य जनता को ओवरब्रिज चाहिए. बहानेबाजी नहीं चलेगी. हटियागाछी के सुनील कहते हैं कि सड़क जाम की वजह से कोचिंग में छात्रों का घंटों इंतजार करना होता है, ओवरब्रिज रास्ता ही नही कोसी की लाइफ लाइन बन जायेगी.
सुनिए सरकार
प्रभात खबर द्वारा शहर में ओवरब्रिज की मांग को लेकर आप पाठकों के सहयोग से बीते चार वर्षों में कई निर्णायक लड़ाई लड़ी गयी है. जिसका परिणाम है कि अब निर्माण का अड़ंगा समाप्त होने लगा है. अब जरूरत है हम, आप व राज्य सरकार के सजग होने की. सड़क जाम से जुड़े अनुभव व तस्वीर हमसे साझा करे.
