हर टिश्यू की हो जांच : डॉ दिलीप कुमार प्रशिक्षित विशेषज्ञ से ही कराएं जांचसहरसा. प्रो डॉ दिलीप कुमार ने पैथोलॉजी का ऑपरेशन में बढ़ता उपयोग एवं आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पैथोलॉजी में लगातार नये आविष्कार हो रहे हैं. पहले जिस बीमारी की रिपोर्ट एक सप्ताह तक आते थे, अब घंटों में आते हैं. जांच के बगैर ऑपरेशन और इलाज पंगु हैं. यह वह आधार है, जिस पर चिकित्सक गंभीर एवं असाध्य रोगों में तत्क्षण ऑपरेशन का फैसले ले सकता है. मरीज अगर ऑपरेशन बेड पर भी है तो भी आंत का कैंसर, ब्लड स्टीमोरान, टिश्यू प्रोसेसर, कल्चर, स्लाइड स्ट्रैंथ आदि जांच कुछ मिनटों में आते हैं और सही जांच के आधार पर मरीज की जान बचायी जा सकती है. छोटे शहरों में जांच की मुकम्मल व्यवस्था होनी चाहिए. डॉ दिलीप कहते हैं कि आपरेशन के बाद भी टिश्यू की पूरी जांच होनी चाहिए, क्योंकि काटे गये भाग में किस प्रकार की विकृति थी. यह जान लेना कई दफा फायदेमंद साबित होता है. कैंसर आदि रोगों में जांच ही पहली सीढ़ी है. एफएनएसी तकनीक अल्ट्रासाउंड में देखते हुए भी परफार्म की जाती है. फफूंदियों की तरह उग आये पैथोलॉजी जांच सेंटर के संबंध में डॉ दिलीप कहते हैं कि जांच पैथोलॉजिस्ट से करवाई जानी चाहिए. लेकिन क्वालिफाइड तकनीशियन भी अच्छा काम करते हैं. छोटे एवं कस्बाई शहरों में जांच की उन्नत व्यवस्था नहीं होने को भी दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं. वे कहते हैं कि स्वास्थ्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.
हर टश्यिू की हो जांच : डॉ दिलीप कुमार
हर टिश्यू की हो जांच : डॉ दिलीप कुमार प्रशिक्षित विशेषज्ञ से ही कराएं जांचसहरसा. प्रो डॉ दिलीप कुमार ने पैथोलॉजी का ऑपरेशन में बढ़ता उपयोग एवं आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पैथोलॉजी में लगातार नये आविष्कार हो रहे हैं. पहले जिस बीमारी की रिपोर्ट एक सप्ताह तक आते थे, अब घंटों में […]
