गरमी के कहर से लोगों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. लोगों का घर से निकलना लगभग बंद हो गया है. बीमार होनेवालों की संख्या बढ़ गयी है.
सहरसा नगर : बढती गरमी ने लोगों खासकर छोटे बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है. तेज धूप के कारण लोग जहां लू की चपेट में आ रहे हैं, वहीं हर पल बदलता मौसम बच्चों के लिये नयी बीमारियों को आमंत्रित कर रहा है. बच्चे ही नहीं बल्कि हर उम्र के लोग अलग-अलग प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. मौसम के मिजाज में आ रही गरमी के कारण वायरस इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है. इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं.
बच्चों को पिलाते रहें पानी
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ बृजेंद्र देव कहते हैं कि इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को होती है. बच्चों को समय-समय पर पानी पिलाते रहना चाहिए. मच्छरों के बढ़ते प्रकोप व उनके काटने से मलेरिया सहित कई बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं. खास कर बच्चों को मच्छरों के प्रकोप से बचाने की जरूरत है. इसलिए मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए. बच्चों को फीडर से ज्यादा ग्लास में दूध पिलाना चाहिए.
बच्चे सहित हर उम्र के लोग इन दिनों विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. डॉ विमल कुमार कहते हैं कि लोगों को इन बीमारियों से बचने के लिये सावधानियां बरतनी होगी. धूप में निकलते समय छाता व अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाने वाला चश्मा जरूर पहनना चाहिए. घर से बाहर खाली पेट नहीं निकलना चाहिए. हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए. घर से बाहर निकलने से पहले यदि संभव हो तो इलेक्ट्रॉल पाउडर या पेट भर पानी जरूर पीना चाहिए. इस मौसम में खाने में रसदार फलों व हल्के और सुपाच्य भोजन करना चाहिए. ज्यादा तेल व मसालेदार खाने से परहेज करें.
यदि कोई लू की चपेट में आ जाता है तो उसके तलवे व शरीर पर कच्चे आम को पका कर घिसने से फायदा होता है. उसके बाद मरीज को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए. व मरीज को इलेक्ट्रॉल पाउडर मिला कर प्रचुर मात्र में पानी देना चाहिए.
एस्ट्रॉल का करें प्रयोग
गरमी के मौसम में महिलाओं को भी घरों से बाहर निकलते वक्त छाता के अलावा एस्ट्रॉल का प्रयोग करना चाहिए. एस्ट्रॉल का प्रयोग करने से चेहरे की नमी बरकरार रहती है.
